भगवान असुरों के नाश के लिए विभिन्न रूपों में लेते हैं अवतार

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परवेज अख्तर/सिवान : जिले के दारौंदा प्रखंड के बगौरा पंचायत के मदारीचक अमहरुआ गांव स्थित हनुमान मंदिर परिसर में चल रहे शिवशक्ति महायज्ञ मेंं चौथे दिन मंगलवार को प्रवचन करते हुए आचार्य जितेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि पृथ्वी पर जब-जब असुरों का आतंक बढ़ा है, तब-तब ईश्वर ने किसी न किसी रूप में अवतार लेकर असुरों का संहार किया हैै। जब धरा पर धर्म के स्थान पर अधर्म बढ़ने लगता है, तब धर्म की स्थापना के लिए ईश्वर को आना पड़ता हैैं। प्रभु राम ने भी विप्र, धेनु, सुर, संत, हित के रक्षार्थ पृथ्वी लोक पर अवतार लिया था। उन्होंने कहा कि ईश्वर की महत्ता अतुलनीय है। संसार में जितने भी असुर उत्पन्न हुए सभी ने ईश्वर के अस्तित्व को नकार दिया और स्वयं भगवान बनने का ढोंग करने लगे, लेकिन जब ईश्वर ने अपनी सत्ता की एक झलक दिखाई तो सभी का अस्तित्व धरा से ही समाप्त हो गया। इस दौरान नितेश पांडेय, सुनील सिंह, प्रीतम कुमार, सुधाकर यादव, प्रिंस कुमार यादव, संतोष कुमार सिंह, अमरजीत सिंह, अजय सिंह, गोरख कुमार, अमरजीत साह, सतीश कुमार, जितेंद्र सिंह, लव सिंह, रंजीत सिंह आदि श्रद्धालु शामिल थे।