गोपालगंज: डीएम-एसपी ने मास्क नहीं पहनने वालों के खिलाफ चलाया जांच अभियान

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  • नियमों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई
  • तीन दिनों के लिए दुकान को किया गया सील
  • संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग सजग

गोपालगंज: जिले में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं । इसकी रोकथाम के लिए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग तत्पर है। इस दिशा में सकारात्मक पहल की जा रही है। गुरुवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी व पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार के नेतृत्व में मास्क चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान चौक-चौराहों पर डीएम, एसपी ने बिना मास्क के घूमने वाले व्यक्तियों का चालान काटा तथा नियमों का पालन करने की हिदायत दी। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने मौनिया चौक पर नियमों का पालन नहीं करने वाले दुकानदार पर कार्रवाई करते हुए तीन दिनों के लिए दुकान को सील कर दिया। इस मौके पर डीएम ने कहा वर्तमान में कोरोना के संक्रमण में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसलिए कोविड संक्रमण से बचाव के लिए इसे व्यवहार में लाना जरूरी है। आमजन से अनुरोध किया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सावधानियां एवं अन्य एहतियात बरतें। मास्क चेकिंग एवं वाहन चेकिंग के अभियान के माध्यम से लोगों में जागरूकता आएगी, साथ ही सड़क सुरक्षा के प्रति भी लोग जागरूक होंगे।

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कोविड अनुरूप व्यवहार अपनाने की दी सलाह

जिलाधिकारी ने लोगों से भीड़ भाड़ से बचने व मास्क का प्रयोग करने, शारीरिक दूरी रखने तथा सैनिटाइजर का उपयोग नियमित रूप से करने की सलाह दी। कहा कोरोना से डरने की नहीं बल्कि सजग एवं सावधान रहने की ज़रूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि संक्रमण के लक्षण दिखने पर इसकी जांच जरूर करायें। साथ ही अपनी बारी आने पर कोविड टीकाकरण अवश्य लें, तभी कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से निजात पाया जा सकता है। उन्होंने सरकार द्वारा दिये गये निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा।

सब्जी मंडी, बस स्टैंड व भीड़-भाड़ वाले जगहों पर होगी जांच

जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा रैपिड एंटीजन किट के माध्यम से जांच में तेजी लायी जायेगी। सब्जी मंडी, बस स्टैंड व भीड़ भाड़ वाले जगहों पर रैपिड एंटिजन किट के माध्यम से जांच की जायेगी। इसके साथ ट्रेन से आने वाले सभी व्यक्तियों की जांच रेलवे स्टेशन पर ही की जायेगी। परिणाम के आधार पर आवश्यकता अनुसार क्वारेंटाइन किया जायेगा। जितनी अधिक जांच होगी, कोरोना संक्रमण के मामलों का पता चलेगा।