गोपालगंजः ना कॉल आया, ना पासवर्ड बताया, फिर भी हो गई ऑनलाइन खरीदारी, गोपालगंज में 62 लोगों के साथ ठगी

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गोपालगंजः कोरोना काल के बाद त्योहार आते ही साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं. बिहार के गोपालगंज में 12 दिनों के अंदर करीब 62 लोग साइबर फ्रॉड के शिकार हुए हैं. उनके पास ना कॉल आया, ना उन्होंने किसी को पासवर्ड बताया, इसके बाद भी खाते से किस्तों में लाखों की ऑनलाइन खरीदारी हो गई.

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दरअसल, साइबर अपराधियों के ठगी करने का ट्रेंड भी बदल गया है. पहले कभी आधार लिंक के बहाने तो कभी एटीएम कार्ड एक्सपायर होने के बहाने वे आम लोगों से फोन कर जानकारियां ले रहे थे. इसके बाद वे उन खातों से पैसे उड़ाते थे. वहीं, हाल के दिनों में साइबर अपराधियों का न तो कॉल आ रहा, न किसी से पासवर्ड पूछा जा रहा है, फिर भी खाते से किस्तों में लाखों की ऑनलाइन खरीदारी हो जा रही है.

12 दिनों में 62 बैंक ग्राहक हुए शिकार

बताया जाता है कि बीते 12 दिनों में एसबीआई, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक, पीएनबी समेत अन्य बैंकों के खाते से बिना कॉल और जानकारी लिए ही लाखों रुपये की ऑनलाइन खरीदारी हो गई है. करीब 62 ऐसे बैंक ग्राहक हैं, जिनके खाते से ऑनलाइन खरीदारी की गई है. साइबर क्राइम के अधिकतर मामलों में पुलिस भी शिकायत दर्ज करने से कतरा रही है.

ये बातें कभी न करें साझा : बैंक की खाता संख्या, एटीएम पिन, वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी), सीवीवी नंबर (एटीएम के पीछे तीन अंक), आधार नंबर की जानकारी कभी भी किसी को नहीं देनी चाहिए.

केस-एकः जेडीयू के वरिष्ठ नेता सह जिला मुख्य प्रवक्ता आदित्य शंकार शाही के भाई अतुल शाही के क्रेडिट कार्ड से 69 हजार 828 रुपये की खरीदारी कर ली गई. पीड़ित ने नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है. अतुल शाही के मुताबिक बिना ओटीपी व मैसेज आए एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड से गुड़गांव से खरीदारी कर ली गई.

केस-दोः मांझा के पथरा गांव के रहनेवाले दारोगा सिंह ने एसबीआई एडीबी से क्रेडिट कार्ड लिया. साइबर अपराधियों द्वारा बीते माह सात सितंबर को 76 हजार व 25 हजार रुपये दो किस्तों में ऑनलाइन खरीदारी की गई. कुल एक लाख दो हजार रुपये की निकासी हुई. नगर थाने में रविवार को प्राथमिकी दर्ज कराई है.

केस-तीनः कुचायकोट के भठवा परशुराम गांव की रहनेवाली बबीता देवी बैंक ऑफ इंडिया की ग्राहक हैं. इनके खाते से ऑनलाइन 67 हजार रुपये की खरीदारी कर ली गई. जब खाते से पैसा गायब होने की जानकारी मिली, तो थाने में शिकायत की लेकिन पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की. बैंक ने भी पैसा रिकवरी के लिए कोई एक्शन नहीं लिया.

इस मामले में गोपालगंज के एसपी आनंद कुमार ने बताया कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों की तहकीकात चल रही है. साइबर अपराधियों का नेटवर्क बड़ा है. बैंक किसी भी ग्राहक से गोपनीय जानकारी नहीं पूछता है. आम लोगों को भी साइबर क्राइम से बचने के लिए जागरूक होना पड़ेगा.