​रमजान के आने पर खुशी जाने पर करें गम का इजहार : शबा मोबस्सीर कादरी

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परवेज अख्तर/सिवान : जिले के जी. बी. नगर थाना क्षेत्र के भेलपुर चाड़ी स्थित जामा मस्जिद के खतिबो इमाम हाफिज शबा मोबस्सीर कादरी ने रमजानुल मुबारक पर फजिलत बयान करते हुए कहा कि नबी स.अ. ने फरमाया कि जो आदमी रमजान के आने पर खुशी का इजहार करे और उसने जाने पर गम महसूस करे उसके लिए यह माह जन्नत के समान है। रोजेदार का अल्लाह पर हक बनता है कि उसे जन्नत में पनाह दे। उन्होंने कहा कि रमजान एक भट्ठी की तरह है क्योंकि भट्ठी में गंदे लोहे को साफ और साफ लोहे को मशीन का पुर्जा बनाकर कीमती बनाया जाता है। ठीक उसी तरह जैसे सोने को आग को तपा कर पहनने के लायक जेवरात के रूम में बनाया जाता है। इसी तरह से माहे रमजान गुनाहगारों को पाक कर देता है और मोकाम बढ़ा देता है। रमजानुल मुबारक में इबलिश कैद कर दिया जाता है और दोजख के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। रमजान के महीने में जन्नत को सजाया जाता है। इसलिए इन दिनों में नेकियों की इजाफा और गुनाहों की कमी होती है। रमजान शरीफ में इफ्तार और सेहरी के वक्त दुआ कबूल होती है यानी इफ्तार करते वक्त और सेहरी खाकर ये मरतबा किसी ओर महीना को हासिल नहीं होता। रमजान में पांच लफ्ज हैं जो अलग-अलग मतलब बयान करता है। रमजानके महीने में कोई नेकी छोड़नी नहीं चाहिए। न जाने अल्लाह ताला को कौन सी नेकी पसंद आ जाए। कोई छोटी सी छोटी गुनाह भी नहीं करनी चाहिए क्योंकि किस गुनाह पर अल्लाह ताला नाराज हो जाएं और उसका अजाब आकर घेर ले। उन्होंने नमाजे तरावीह पर चर्चा करते हुए कहा कि नबी स.अ. ने फरमाया कि जो सख्श इमान और इकान के साथ रमजान की रातों में कयाम यानी तरावीह पढ़ेगा तो उसके पिछले तमाम गुनाह बख्श दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जन्नत में एक दरवाजा है जो रमजान के रोजेदारों के लिए है जिसका नाम बाबुर रइयान है यानी जो सही अदायगी के साथ रोजा रखेगा वह इसी दरवाजे से जन्नत में दाखिल होगा। ऐसे तो जन्नत में आठ दरवाजे हैं जो रमजान के महीने में खोल दिए जाते हैं। अंत में उन्होंने कहा कि रमजान के पूरे महीने में अर्श से फर्श तक रहमतों की लगातार बारिश होती है। दूसरी ओर उन्होंने कहा कि कि माहे रमजान में अल्लाह हम पर इतना करम करे कि हम जरूरतमंदों पर खर्च में इजाफा कर सकें, क्योंकि माहे रमजान में खर्च करना अल्लाह ताला की राह में खर्च करने की तरह है।[sg_popup id=”5″ event=”onload”][/sg_popup]

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