गुठनी: महिला के मायके वालों ने शव को ससुरालियों के दरवाजे पर जलाने के लिये अड़े

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  • सामाजिक व प्रशासनिक दवाब में घंटो बाद बगल के नदी तट पर जलाया.
  • गांव में छुपाये गये महिला के पांच वर्षीय बच्चे को ढूंढ कर दिलाया गया मुखाग्नि.
  • सभी आरोपित घटना के बाद से ही है फरार

परवेज़ अख्तर/सिवान: जिले के गुठनी थाना क्षेत्र के टड़वा खुर्द पश्चिम घोठा टोला निवासी सुरेंद्र यादव की पत्नी सविता देवी की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा 12 घंटे बाद बरामद किये गये शव को पोस्टमार्टम के बाद उसके मायके वालों ने शुक्रवार सुबह ससुरालियों के दरवाजे पर रख कर जलाने पर अडिग हो गये और घंटो तक वही प्रदर्शन करते रहे.जानकारी होने के बाद मौके पर पहुचे जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासन के समझाने के बाद शव को टड़वा गांव के नजदीक छोटी गंडकी नदी तट पर दाह संस्कार किया और गांव में ही आरोपितों द्वारा छुपाये गये सविता देवी के पांच वर्षीय पुत्र को बरामद कर उससे माँ को मुखाग्नि दिलवाया.बुधवार रात्रि गुठनी के टड़वा खुर्द पश्चिम टोला गांव में सुरेंद्र यादव द्वारा अपनी पत्नी सविता देवी की हत्या करने के बाद परिजनों व मित्र संग मिलकर शव को गायब कर दिया गया था जिसकी जानकारी सविता देवी के मायके वालों को मिल गयी.सविता के मायके गुठनी के कुंडेसर गांव से उसके चाचा चाची व अन्य ग्रामीण गुरुवार अहले सुबह टड़वा गांव पहुच कर सविता के शव को ढूंढा जब नही मिला तो पुलिस को सूचना दी.

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मौके पर पहुचे थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने घर के दरवाजे को तोड़कर शव ढूंढने लगे और इसी क्रम में घर पर मौजूद एक मात्र बुजुर्ग महिला सविता की सास प्रभावती कुँवर से पूछताछ किया.प्रभावती कुँवर से पूछताछ के आधार पर थानाध्यक्ष ने उसके पड़ोसी कमलेश उर्फ सहाबू यादव को गिरफ्तार कर कड़ायी से पूछताछ की तो उसने यूपी के भागलपुर स्थित सरयू नदी में शव छुपाने की बात स्वीकार किया.पुलिस ने कमलेश को लेकर यूपी के भागलपुर सरयू नदी तट पहुची और नदी में डुबोयी गयी सविता के शव को बरामद किया.गुरुवार देर शाम यूपी के भागलपुर नदी से शव बरामद होने के बाद थानाध्यक्ष ने सीवान सदर से पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसके मायके वालों को शव सौप दिया.हत्या की शिकार महिला सविता के मायके कुंडेसर से दर्जनों लोग शव लेकर घटनास्थल सह उसके ससुराल टड़वा खुर्द पश्चिम गांव पहुच गये और आरोपितों के नही आने पर शव उनके दरवाजे पर ही जलाने पर अड़े रहे.सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता व जनप्रतिनिधियों द्वारा समझाने तथा सविता के पांच वर्षीय पुत्र प्रिंस के मिल जाने पर वही नदी तट पर दाह संस्कार किया तथा प्रिंस से उसकी माता को मुखाग्नि दिलवाया.