गुठनी: अशोक दुबे हत्याकांड व रमेश तिवारी गोलीकांड ने क्षेत्र में बढ़ाया दहशत

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  • दोनों परिवारों के बीच का मधुर संबंध हत्याकांड के बाद दुश्मनी में बदला
  • क्षेत्र में बढ़ते तनाव के साथ अपराधियों का मनोबल भी बढ़ा

परवेज अख्तर/सिवान: गुठनी का चर्चित अशोक दुबे हत्याकांड तथा मंगलवार को मैरवा के लक्ष्मीपुर ब्रिज पर खड़खड़िया निवासी रमेश तिवारी पर हुये जानलेवा हमला कांड ने एक तरफ जहां दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मधुर संबंध को समाप्त कर दुश्मनी में बदल दिया, वहीं क्षेत्र में दहशत को बढ़ा दिया है. दनादन चल रही गोलियों की तड़तड़ाहट ने आम लोगों के जीवन पर प्रभाव डाला है और क्षेत्र में अशांति कायम हो गयी है. बताया जाता है कि गुठनी के पिपरपाती निवासी मुखिया प्रत्याशी सह ठेकेदार अशोक दुबे और उनकी ही हत्या में पुलिस द्वारा अप्राथमिकी अभियुक्त बनाकर जेल भेजे गये खड़खड़िया गांव निवासी उमेश तिवारी उर्फ बैज बाबा के अच्छे व मधुर संबंध थे. अशोक की हत्या के दिन भी दोनों साथ साथ थे और उमेश ही मुख्य प्रत्यक्षदर्शी थे अशोक की हत्या का. पुलिस ने अनुसंधान में उमेश को अप्राथमिकी अभियुक्त बनाकर जेल भेज दिया. जबकि उस मामले में तीन नामजद अभियुक्त अब भी फरार हैं. यहीं से शुरू हो गयी दोनों परिवारों के बीच मतभेद और बैमनस्यता की कड़ी. मंगलवार को उमेश तिवारी उर्फ बैज बाबा के भाई रमेश तिवारी उर्फ मन्नू को अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर चार से पांच गोली उनको मारी और मौत के लिये पर्याप्त गोली लगना समझ आसानी से फरार हो गए. रमेश सीवान कचहरी से बैज के मामले में ही पैरवी कर लौट रहे थे. इस मामले में अबतक रमेश की तरफ से आवेदन या फर्दबयान प्राप्त नहीं होने के कारण पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी के लिये कोई ठोस रणनीति नहीं बनायी है. हालांकि रमेश तिवारी ने घायलावस्था में सदर अस्पताल में इलाज के दौरान पुलिस के समक्ष मीडिया को कुछ लोगों का नाम बताया है. जिसमें अशोक दुबे के परिजन तथा उसी मुकदमा में आरोपित के परिजन शामिल हैं.

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आपराधिक मामलों से क्षेत्र हुआ अशांत

थाना क्षेत्र में लगातार घट रही आपराधिक घटनाओं से क्षेत्र में दहशत और अशांति का माहौल कायम हो गया है. अशोक दुबे हत्याकांड में अपराधियों ने विंदास होकर 6 से 8 गोली मारी. उसी तरह रमेश तिवारी को दिनदहाड़े 4 से 6 गोली मारी. गुठनी के देवरिया गांव में हथियार से लैश 15 की संख्या में डकैतों ने भीषण डकैती की घटना को अंजाम दिया. गुठनी-मैरवा मुख्य मार्ग पर टेकनिया गांव के समीप पूर्व सैनिक को गोली मारकर घायल किया अपराधियों ने, लेकिन किसी भी मामले में पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच सकी है. जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है. सामाजिक राजनीतिक लोगों का कहना है कि बढ़ते अपराध के माहौल में जीने को आम लोग विवश है.