पति ने चोरी के पैसों से बनवाई 7 गांव की सड़कें, पत्नी ने जीता पंचायत चुनाव

0

पटना: चोरी के आरोप में गाजियाबाद के जेल में बंद बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले मो. इरफान उर्फ उजाले की पत्नी गुलशन परवीन ने पंचायत चुनाव में जीत हासिल की है। गुलशन परवीन पुपरी के जिला परिषद क्षेत्र संख्या 34 से प्रत्याशी थी। इरफान को गाजियाबाद पुलिस ने कुछ दिनों पहले गिरफ्तार किया था। पंचायत चुनाव में पत्नी को जीत दिलाने के लिए इरफान ने दोनों हाथों से रुपया खर्च किया। उसने एक करोड़ रुपये तो सात गांवों की गलियों में सड़क निर्माण पर ही खर्च कर दिए हैं।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2022-08-26 at 7.27.12 PM
WhatsApp Image 2022-08-26 at 8.35.34 PM
WhatsApp Image 2022-09-15 at 8.17.37 PM

इरफान की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। अपनी माली हालत सुधारने को वह घर छोड़ परदेस चला गया था। वर्षों बाद जब घर लौटा तो उसका रुतबा देखकर गांव वाले हैरान थे। वह अकूत संपत्ति का मालिक बन चुका था। एक रसूखदार की तरह गांव में आया। जमीन,बंगला, महंगी गाड़ियां सब कुछ था उसके पास। आसपास होने वाले आयोजनों में रुपये लुटाकर अपनी हैसियत दिखाने लगा। उजाले पुपरी के गाढ़ा जोगिया का निवासी है।

इरफान ने पत्नी को चुनाव लड़ाने को चोरी के पैसों से 7 गांवों में बनवाई थी सड़कें, दिल्ली में जज के घर से उड़ाए थे 65 लाख रुपये

ग्रामीण बताते हैं कि मो. इरफान व उसका परिवार पहले मजदूरी करता था। रहने के नाम पर बस एक झोपड़ी थी। काम नहीं मिलने पर खाने को लाले पड़ जाते थे। माली हालत सुधारने के लिए वह घर छोड़कर चला गया, लेकिन जब वापस आया तो उसका रुतबा ही बदल गया था। गांव वालों को वह अपने काम के बारे में कुछ नहीं बताता था। गांव आते ही जमीन खरीदकर घर बनाया। फिर एक से एक महंगी बाइक खरीदी और गांव के कुछ युवकों को साथ घुमाने लगा। युवकों पर पानी की तरह रुपये खर्च कर अपना रौब भी जमाता था। फिर धीरे-धीरे महंगी कार खरीदने लगा। देसी के साथ ही विदेशी कंपनी की गाड़ियां से वह चलता था।

सात सितंबर को इरफान की पत्नी सहित तीन हुए थे गिरफ्तार

सात सितंबर 2021 को यूपी के गाजियाबाद के कविनगर की पुलिस पुपरी पहुंची थी। उसने स्थानीय पुलिस के सहयोग से गाढ़ जोगिया स्थित उसके घर में छापेमारी की थी। छापेमारी में वह तो नहीं मिला, लेकिन पुलिस ने उसकी पत्नी सहित तीन को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गयी थी। पुलिस को कुछ चोरी का समान भी उस दिन बरामद हुआ था।

थियेटर व आर्केष्ट्रा में उड़ा देता था हजारों रुपये

ग्रामीण बताते हैं कि वह अपनी औकात दिखाने के लिए गांव व आसपास होने वाले थियेटर व आर्केष्ट्रा में 10-20 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक लुटा देता था। कभी-कभी तो यह राशि एक लाख तक पहुंच जाती थी। जिससे उसकी पहचान एक पैसे वाले के रूप में होने लगी। फिर धीरे-धीरे वह गांव व आसपास के लोगों को सहयोग करना शुरू कर दिया। गांव की नाली की उड़ाही से लेकर जर्जर सड़क की मरम्मत तक का काम करवाया। यहां तक की बेटी की शादी व बीमार के इलाज में भी मदद करता।

पुलिस की छापेमारी के बाद खुला राज

इसी बीच धीरे-धीरे दूसरे राज्यों की पुलिस उसे गिरफ्तार करने गांव पहुंची। लगातार दूसरे राज्यों की पुलिस की छापेमारी से ग्रामीणों को उसके चोरी करने का पता चला। जिसके बाद सभी हैरत में आ गये। ग्रामीण बताते हैं कि पैसा आने के बाद उसकी पहुंच बड़े लोगों तक हो गयी। व्यवसायी के साथ ही पुलिस-प्रशासन तक इसकी पहुंच थी। सूत्रों के अनुसार त्योहारों पर अक्सर मिठाई का पैकेट पहुंचवाता था।

स्थानीय स्तर पर बेचता था सोने के आभूषण

ग्रामीणों के अनुसार अक्सर चोरी के सोने व चांदी के आभूषण वह स्थानीय स्तर पर ही बेचता था। यही वजह थी कि कई स्वर्णकार से उसका रुपये के लेन-देन को लेकर झगड़ा भी होता था। कई बार यह विवाद पुलिस तक पहुंच गया था।

बंगला व बड़े घर को बनाता था निशाना

सूत्रों की मानें तो इरफान बड़े शहरों में बड़े घरों को ही अपना निशाना बनाता था। काम के बहाने से घर में प्रवेश कर खासकर सोने के आभूषण पर नजर डालता था। इसके बाद वह चोरी की घटना को अंजाम देकर फरार हो जाता था। इसका खुलासा बाहर से आयी पुलिस ने कई बार किया है।