लखीसराय: 52 घंटे बाद नक्सलियों के चंगुल से सकुशल लौटा दीपक, 1 करोड़ की मांगी थी फिरौती

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लखीसराय: जिले के पीरी बाजार थाना क्षेत्र के चौकड़ा गांव से अपहरण किए गए डीलर के पुत्र दीपक कुमार को सोमवार की आधी रात को रिहा कर दिया गया। दीपक की रिहाई के बाद से परिजनों ने राहत की सांस ली है। खुद पिता भागवत प्रसाद ने दीपक को वापस कजरा स्टेशन से घर लाया है। दीपक को कजरा इलाके में ही छोड़ा गया था, जहां से वह पूछते-पूछते कजरा स्टेशन पहुंचा और वहां एक यात्री के मोबाइल से अपने पिता को फोन पर जानकारी दी और लेने आने को कजरा स्टेशन बुलाया।

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सोमवार की देर रात करीब 11 बजे यानी 52 घंटे बाद दीपक को आखिरकार नक्सलियों ने अपने चंगुल से मुक्त कर दिया है। चर्चा यह भी है कि नक्सलियों को 20 लाख रुपए देने के बाद से दीपक की रिहाई हुई है। हालांकि इस बात से पुलिस के साथ-साथ परिजन भी इंकार कर रहे हैं। सोमवार आधी रात जब दीपक कजरा स्टेशन से घर लौट रहा था तो उसकी मुलाकात पीरी बाजार की पुलिस के गश्ती दल से हुई। वहां पुलिस की पूछताछ में डीलर ने तत्काल कुछ भी बताने से बचते हुए घर जाने की अनुमति मांगी। पुलिस ने भी स्थिति को देखते हुए बाद में पूछताछ करने की बात कही। । इधर देर रात दीपक की सकुशल वापसी के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है, तो वही गांव के लोगों में भी खुशी देखी गई।

मंगलवार को दीपक की मां ने पत्रकारों को बताया कि नक्सलियों ने एक करोड़ रुपए डिमांड की थी। इस बीच उन्होंने नक्सलियों से कहा था कि वे अपना घर भी बेच देंगी तो भी उतने पैसे नहीं दे सकेंगी। हालांकि कुछ पैसे दे देने का आश्वास देने की बात खुद दीपक की मां ने भी स्वीकारी है।