नीतीश चाहें तो रूस के राष्ट्रपति बन जाएं…बिहार को बख्श दें : चिराग पासवान

0

पटना: बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एलजेपी के नेता चिराग पासवान के बीच राजनीतिक अदावत किसी से छिपी नहीं है. सोमवार को चिराग ने एक बार फिर सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला. चिराग ने कहा कि वे (नीतीश) चाहें तो रूस के राष्ट्रपति बन जाएं या फिर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बन जाएं, मगर मेरी यही गुजारिश है कि वह बिहार को बख्श दें. चिराग ने ये भी पूछा कि नीतीश को बताना चाहिए कि उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री रहकर क्या उखाड़ लिया?

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2022-08-26 at 8.35.34 PM
WhatsApp Image 2022-09-15 at 8.17.37 PM

चिराग पासवान लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष हैं और जमुई से सांसद हैं. बता दें कि इससे पहले आरजेडी के तरफ से कहा गया था कि अगर बीजेपी उन्हें (नीतीश) उपराष्ट्रपति बना देगी तो वे इस ऑफर को कभी नहीं ठुकराएंगे और अब चिराग पासवान ने कहा कि नीतीश हमेशा अपने लिए कुर्सी का इंतजाम पहले करते हैं उसके बाद ही कोई कदम उठाते हैं.

नीतीश को छात्रों से मिलने में परेशानी

चिराग ने नीतीश पर तंज भी कसा और आरजेडी की इफ्तार पार्टी में नीतीश के अपने घर से पूर्व CM राबड़ी देवी के आवास तक पैदल चलकर जाने पर कहा कि उन्हें वहां तक पैदल जाने में कोई दिक्कत नहीं होती है, मगर उन्हें पैदल चलकर एसटीईटी के छात्रों और बेरोजगार युवाओं से मिलने में परेशानी होती है जो धरना प्रदर्शन करते हैं.

विडंबना है कि सिर्फ एक ही चर्चा कर रहे

चिराग ने कहा कि बिहार की विडंबना है कि चर्चा करने के लिए लोगों के पास एक ही विषय है- मुख्यमंत्री की कुर्सी बच गई है. चर्चा सिर्फ हो रही है कि वह राष्ट्रपति बनेंगे या उपराष्ट्रपति बनेंगे. मुख्यमंत्री बनकर उन्होंने क्या उखाड़ लिया है? यह नीतीश कुमार को बताना चाहिए.

नीतीश सहूलियत की राजनीति करते

दो दिन पहले भी चिराग ने सीएम नीतीश पर निशाना साधा था. चिराग ने कहा कि नीतीश कुमार सहूलियत की सियासत करते हैं. यूपी चुनाव के समय विशेष राज्य के दर्जे और जातीय जनगजनगणना कि मांग उठी थी, चुनाव के बाद मुद्दे गायब हो गए हैं. चिराग ने तेजस्वी की इफ्तार पार्टी में पहुंचने पर कहा कि उनके पिता रामविलास भी लालू प्रसाद की इफ्तार पार्टी में शरीक होते थे. ऐसे में तेजस्वी की इफ्तार में शामिल होने पर इसके राजनीतिक मायने ना निकाले जाएं. ये धर्म विशेष का मामला है.