सीवान में बुलडोजर ने फुटपाथी दुकानदारों के समक्ष भुखमरी की स्थिति करा दी उत्पन्न

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परवेज अख्तर /सिवान: केंद्र सरकार द्वारा फुटपाथी दुकानदारों के जीविकोपार्जन को लेकर कई तरह की योजनाएं बनाई गई हैं। साथ ही इन योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए पहल भी की जा रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई समुचित व्यवस्था न होने के कारण फुटपाथी दुकानदारों को कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। शहर की सड़कों पर फुटपाथ को व्यवस्थित करने की कवायद परवान नहीं चढ़ पाई। जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा इसी हफ्ते अभियान चलाकर अतिक्रमण तो खाली करा दिया गया, लेकिन फुटपाथी दुकानदारों को अब कहां स्थान दिया जाए इसके लिए प्रशासन द्वारा कोई पहल नहीं की गयी। जिला प्रशासन द्वारा दुकानें हटाए जाने के कारण इन दुकानदारों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ज्ञात हो कि तत्कालीन एसडीओ अमन समीर के कार्यकाल में अतिक्रमण हटाओ अभियान में शहर में वेंडिग जोन बनाने का फैसला लिया गया था। इसको लेकर एसडीओ कार्यालय से लेकर डाकबंगला चौक तक वेंडिग जोन भी बनाया गया था। साथ ही दुकानों के लिए टोकन देने की बातें भी कही गई थी, लेकिन इसके बाद कोई कार्यवाही नहीं की गई।

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हटा दी गई हैं सारी दुकानें : 

जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण खाली कराने के दौरान शहर के दाहा नदी पुल के समीप स्थित दुकानों पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान बुलडोजर चला दिया गया। इसके बाद से ही फुटपाथी दुकानदार दर-दर की ठोकर खा रहे हैं। इन दुकानदारों द्वारा कभी शहर में भ्रमण कर भिक्षाटन कर तो कभी मानव श्रृंखला बनाकर विरोध जताया जा रहा है।

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 क्या कहते हैं दुकानदार : 

शहर स्तरीय फुटपाथी विक्रेता संघ के अध्यक्ष सुनील कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अभियान चलाकर दुकानों पर बुलडोजर तो चला दिया गया, लेकिन नगर परिषद द्वारा अभी तक मामले को संज्ञान में नहीं लिया गया है। इसको लेकर कई बार जिला पदाधिकारी व कार्यपालक पदाधिकारी को आवेदन भी दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक दुकान को लेकर कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार :

किसी भी फुटपाथी दुकानदारों की दुकानें नहीं तोड़ी गई है। उनको यह निर्देश दिया गया है कि वे ठेला पर घूम-घूमकर अपने सामान की बिक्री करें या फिर जहां सड़के चौड़ी हैं, वहां अपनी ठेला लगा सकते हैं। स्थायी दुकानदार द्वारा पैसे के लालच में अपनी दुकानों के सामने सामान की बिक्री करने के लिए दुकानें लगवा देते थे। इससे शहर में जाम की समस्या पैदा हो जाती थी। सभी फुटपाथी दुकानदारों से यह अपील है कि वे ठेले पर दुकान सजाकर घूम-घूमकर अपने सामान की बिक्री करें। इससे जाम की समस्या भी उत्पन्न नहीं होगी।

 रामबाबू बैठा, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, सिवान