शहर के टाउन हाल में जश्ने वेलादते इमाम हुसैन अलै. धूम धाम से मनाया गया

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परवेज अख्तर/सिवान: शहर के टाउन हाल में में तंजीमे हुसैनी के तत्वावधान में जश्ने वेलादते इमाम हुसैन अलै. का आयोजन रविवार को किया गया. हजरत इमाम हुसैन के जन्मदिवस के मौके पर हर साल हुसैन डे के रूप में मनाया जाता है. कार्यक्रम की अध्यक्षता सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के जिलाध्यक्ष मंसूर आलम ने की. सीवान के अलावा अन्य जगहों से आये ओलेमा व शोअरा ने हजरत इमाम हुसैन की जीवनी पर प्रकाश डाला. उलेमाओ ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने अपने परिवार व कुनबे समेत शहादत देकर इसलाम को बचा लिया. इस मौके पर मुख्यरूप से सैयद अफजल अब्बास चेयरमैन शिया वक्फ बोर्ड बिहार, उमेश ठाकुर जदयू जिला अध्यक्ष, कारी नईमुद्दीन सिवनी, नईम उल कादरी, टीआर विक्टर, मौलाना जौहर मियां, शाफिया आबादी, मौलाना शमीम तुराबी साहब, ग़ुलाम हैदर साहब, शब्बर इमाम, सय्यद अली साहब, यासूब गोपालपुरी, अनवर सिवनी करबला कमेटी, मौलाना नैयर इमाम आदि शामिल थे.

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कार्यक्रम की शुरुआत तिलावते कुरआन पाक से कारी नईमुद्दीन सिवनी ने किया. इस मौके पर अपने तकरीर में नईम उल कादरी ने कहा कि वेलादते इमाम हुसैन मनाना इसलिए जरूरी है कि इसी से इंसानियत की पनाह और दिने हक्कानीयत की बक़ा है (इसके बगैर सब नामुक़म्मल है) उन्होंने कहा कि हुसैन ही एक जात ऐसी है जिन्हें बिना मतभेद के सारी दुनिया मानती है और हुसैन के जरिये ही अल्लाह और उसके रसूल की दुनियाये इंसानियत को मार्फत हासिल है. मौलाना जौहर मियां ने कहा कि करबला का वाक्या किसी हुकूमत के लिए नहीं थी, इंसानियत के लिए थी.

हजरत इमाम हुसैन अलै. ने पूरी इंसानियत के लिए अपनी शहादत दी. मौलाना शमीम तुराबी साहब ने कहा कि  मोहर्रम हम मनाते है तो हजरत इमाम हुसैन अलै. का वेलादत (जन्मदिन) तीन शाबान को धूमधाम से मनाना चाहिए. जदयू नेता मंसूर आलम ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की वेलादत उर्दू महीना के तीन शाबान को है. उनका जन्मदिवस के मौके पर कई वर्षों से कार्यक्रम होता है. जिसमें देशभर से ओलेमा व शोअरा तसरीफ लाते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि दिने खुदा के बाब का मंजर हुसैन हैं, अल्लाह के रसूल का तेवर हुसैन हैं.