जीरादेई: खेलकूद के दौरान बच्चों को पढ़ाएंगे शिक्षक

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परवेज अख्तर/सिवान: जिले के जीरादेई प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय भरथुआ में प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी बिजेंद्र प्रसाद,मास्टर ट्रेनर प्रेम किशोर पांडेय,प्रकाश कुमार,मनोज कुमार सिंह,जुनैद अली,मोहम्मद बेलाल के द्वारा नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा विभाग के द्वारा चलाए जा रहे चहल प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत नामित शिक्षकों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। यह  प्रशिक्षण 13 सितंबर से आरंभ हुआ है जो 17 सितंबर को संपन्न हो जाएगा बतादे की शिक्षको के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर चहक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया था।जहां सर्वप्रथम चयनित शिक्षकों के साथ वंदना करने के पश्चात पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुरुआत किया गया है.

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ओमप्रकाश सिंह,चंद्रिका प्रसाद,मंजू प्रभा ,नीलू सिंह,जहारा आरा खातून,राम इकबाल प्रसाद,सुमित्रा देवी,इंद्रजीत प्रसाद,उमाशंकर यादव,धर्मेंद्र सिंह,संतोष कुमार चौरसिया,धर्मवीर चौरसिया, कुमारी सुनीता,प्रदीप कुशवाहा,ज्योति यादव,जितेंद्र राम, राकेश कुमार शाह, संजय गिरी,नसीम अहमद सिद्धकी,ज्योति कुमारी,प्रमिला देवी,संजुला कुमारी,सुशीला कुमारी,आरती देवी, बबीता सिंह,अनुज सिंह,अनुपम कुमार सिंह,मंटू कुमार राम,सुषमा सिंह सहित अन्य शिक्षक को प्रशिक्षक प्रेम किशोर पांडेय के द्वारा प्रशिक्षु शिक्षकों को चहक कार्यक्रम के उद्देश्य के संदर्भ में बहुत ही बारी से समझाया, साथ ही कक्षा एक के बच्चों को अक्षर ज्ञान के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के तौर-तरीकों से अवगत कराया।

प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी बिजेंद्र प्रसाद ने कहा कि चहक कार्यक्रम मूल रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों से आकर पहली कक्षा में नामांकन कराने वाले बच्चों के शैक्षणिक आधार को मजबूत करने के लिए चलाया गया है.प्री-प्राइमरी से आने वाले इन बच्चों को अंक गणना और अक्षर ज्ञान के साथ उनकी बौद्धिक क्षमता को मजबूत किया जाएगा। नई शिक्षा नीति और शिक्षा के अधिकार कानून के तहत यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए सभी केंद्रों पर मास्टर ट्रेनर और मेंटर की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रशिक्षक मनोज कुमार सिंह ने कहा कि चहक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात शिक्षक अपने मूल विद्यालय में प्रस्थान करेंगे.जहां प्रशिक्षण में सीखें गतिविधियों के माध्यम से अपने विद्यालय के बच्चों को खेल कूद नाच गाना सहित अन्य पहलुओं के माध्यम से पढ़ाएंगे,जिससे बच्चो का मानसिक शारीरिक और भौगोलिक दृष्टि से विकास होगा।