फिरौती के 10 लाख लेने के बाद भी लोजपा के प्रदेश नेता की हत्‍या, चार दिन पूर्व हुआ था अपहरण

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पटना: बिहार में अपराधियों ने पुलिस को खुली चुनौती दे दी है। पूर्णिया में लोजपा के प्रदेश नेता का अपराधियों ने अपहरण कर हत्‍या कर दी। जबकि अपराधियों ने फ‍िरौती के 10 लाख रुपये भी ले लिए। रुपया लेने के बाद भी अपराधियों ने लोजपा नेता को नहीं छोड़ा। रविवार को उनका शव बरामद हुआ। इस घटना के बाद स्‍वजनों ने पुलिस पर काफी रोष व्‍यक्‍त किया है। जगह-जगह उनके समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है।

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गुरुवार को हुआ था अपहरण

पूर्णिया कोर्ट स्टेशन निवासी लोजपा के प्रदेश नेता अनिल उरांव का अपहरण गुरुवार को हुआ था। अपहर्ताओं ने स्‍वजनों को फोन पर 10 लाख रुपये फ‍िरौती की मांग की। फ‍िरौती नहीं देने पर उनकी हत्‍या कर देने की धमकी भी दी। शुक्रवार को स्‍वजन रुपये लेकर अपरा‍धियों ने पहुंचाने गए, लेकिन अपराधी लगातार अपना ठिकाना बदलते रहे। संपर्क नहीं हो पाने के करण सभी वापस लौट गए। फ‍िर शनिवार को अपराधियों ने फोन कर फि‍रौती के रुपये पहुंचाने को कहा। लेकिन रुपये लेने के बाद भी लोजपा नेता को नहीं छोड़ा। स्वजन से बताया कि फिरौती के 10 लाख रुपये बनभाग बांध के पास अपराधियों को दिए। दो नकाबपोश युवक आये और फोन कर बुलाकर रुपया वाला बैग लिया। दोनों अपराधी बिना नंबर के लाल रंग के पल्सर बाइक से आए थे।

रविवार को मिली लाश

पूर्णिया के केनगर थाना क्षेत्र के झुंनी इस्तम्बरार पंचायत के डंगरहा गांव से अनिल उरांव का शव बरामद किया गया। शव मिलने के बाद स्‍वजन और अनिल उरांव के समर्थन रोष में आ गए। जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। लोजपा नेता की हत्‍या की सीबीआइ जांच की मांग की जा रही है। पुलिस पर गुस्‍सा निकाली जा रही है।

जानिए कौन थे अनिल उरांव

अनिल उरांव लोजपा के नेता है। आदिवासी प्रकोष्‍ठ के बिहार प्रदेश अध्‍यक्ष हैं। उन्‍होंने दो बार 2015 और 2020 में कटिहार के निहारी विधानसभासे चुनाव लड़ा था, लेकिन वे हार गए थे। वे पूर्णिया के बेला रकाबगंज पंचायत के मुखिया भी रह चुके हैं।