मैरवा: सीमावर्ती क्षेत्र में हैं अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों की भंरमार

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छापेमारी के पहले ही अवैध संचालकों को हो जाती है खबर

परवेज अख्तर/सिवान: जिले के मैरवा में भी अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों की भरमार है। धड़ल्ले से संचालित इन सेंटरों के संचालकों को नियम कानून का कोई भय नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मी इस तरह के अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालन के लिए जिम्मेवार हैं। कारण है कि जानकारी होने के बाद भी न तो उनके खिलाफ कार्रवाई करते हैं और न ही अपने वरीय पदाधिकारियों को इसकी भनक ही लगने देते हैं। ऐसे अल्ट्रासाउंड सेंटरों में पोर्टेबल मशीन रखी जाती हैं। ताकि कभी टीम आने पर भी आसानी से उसे मौके से हटाया जा सके। इतना ही नहीं ऐसे सेंटर संचालकों की विभाग में इतनी पैठ है कि टीम के छापेमारी करने से पहले ही उन्हें भनक लग जाती है। बताया जाता है कि टीम के आने की जानकारी देने के नाम पर संचालकों से मोटी रकम की वसूली की जाती है।

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कई प्रखंडों में एक भी निबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर नहीं

मिली जानकारी के अनुसार जिले के कई ऐसे प्रखंड हैं जहां एक भी निबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर नहीं है। बावजूद इसके धड़ल्ले से वहां अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों का संचालन किया जा रहा है। कई अल्ट्रासाउंड सेंटरों में तो स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की हिस्सेदारी की भी बात बतायी जाती है। कई बार निबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटरों की सूची सार्वजनिक स्थलों पर लगाने की कवायद तो की गयी लेकिन बाद में उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। लिहाजा लोगों के स्वास्थ्य के साथ बेखौफ होकर ऐसे सेंटर खिलवाड़ करने में लगे हैं।