बिहार में चूहों का नया ‘कारनामा’, दारू और बांध के बाद अब X-Ray मशीन को किया टारगेट, जानें क्या है पूरा मामला

0

जहानाबाद: बिहार में चूहों के शराब पीने और बांध काटने की खबरें तो आपने पढ़ी और सुनी ही होगी. लेकिन अब चूहों से जुड़ा एक और मामला सामने आया है, जो और भी ज्यादा हैरान करने वाला है. प्रदेश के जहानाबाद जिले के सुखदेव प्रसाद वर्मा रेफरल अस्पताल, मखदुमपुर में चूहे और चींटी ने मिलकर नई डिजिटल एक्सरे मशीन खा ली है. लाखों की मशीन के चालू होने से पहले ही चूहे और चींटी ने ऐसी करतूत कर डाली है.

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2023-10-11 at 9.50.09 PM
WhatsApp Image 2023-10-30 at 10.35.50 AM
WhatsApp Image 2023-10-30 at 10.35.51 AM
ahmadali
WhatsApp Image 2023-11-01 at 2.54.48 PM

ऐसे मामला पूरे मामले का खुलासा

मखदुमपुर से आरजेडी के विधायक सतीश कुमार के निरीक्षण में यह मामला सामने आया है. इस दौरान विधायक ने तंज कसते हुए कहा कि वह सरकार से चूहे और चीटी की गिरफ्तारी की मांग करेंगे. दरअसल, वे बीते दिनों रेफरल अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने देखा कि 22 लाख रुपये की डिजिटल एक्सरे मशीन, जिसे 15 अगस्त को चालू किया जाना था को अभी तक चालू नहीं किया गया है. पूछने पर पता चला कि उसे चूहे और चींटी मिलकर खा गए हैं. डॉक्टरों ने विधायक को बताया कि मशीन को चींटी और चूहे खा गए. हैदराबाद से दूसरी मशीन की मांग की गई है. मशीन आने के बाद रेफरल अस्पताल में एक्सरे की सुविधा मरीजों को मिल सकेगी.

ये सुनकर भड़क गए विधायक

इतना सुनना था कि विधायक सतीश दास भड़क गए और उन्होंने मशीन सप्लाई करने वाले कांट्रेक्टर से फोन पर बात की. कांट्रेक्टर ने विधायक को बताया कि मशीन खराब है, इसमें उनकी कोई गलती नहीं है, उन्होंने तो ठीक मशीन दी थी. गलती है चूहे और चींटियों की जिसने, पूरी एक्सरे मशीन खा ली. ऐसे में विधायक ने इस बाबत दोषियों पर कार्रवाई करने की स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से गुहार लगाई है. साथ ही कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे.

क्या कहते हैं सिविल सर्जन

इधर, जिले के सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार चौधरी ने इस संबंध में बताया कि यह पूरी तरह से ठेकेदार की लापरवाही है. उसने लॉकडाउन के समय मशीन को एक्स-रे रूम में दिया था और इसी बीच बरसात भी आ गई, जिससे मशीन में चींटी लग गई. पूरी जवाबदेही ठेकेदार की है और वही इसे ठीक करेगा. इसमें सरकार का कोई नुकसान नहीं है. बहरहाल, मशीन ठीक होगी या नई मशीन आएगी ये तो बाद की बात है. लेकिन इस घटना के स्वास्थ्य विभाग की कार्य प्रणाली का पर्दाफाश हो गया है.