सीवान में बारिश के साथ पड़े ओले, गिरी गेहूं की फसल

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परवेज अख्तर/सीवान :- सीवान में किसान बीते दिन हुई बारिश से परेशान हैं। किसान अपने खेतों को देखकर यह नहीं समझ पा रहे हैं कि अब क्या किया जाए। गुरुवार की रात अचानक आई आंधी-पानी के साथ पड़े ओले ने उनके मुंह का निवाला छीन लिया है। आंधी-पानी से गेहूं व सरसों की फसल बर्बाद हो गई है। तैयार फसल के गिरने से अब वे सूख जाएंगे। अब दाने भी पुष्ट नहीं हो सकेंगे। इस कारण से अब खाद्यान्न व तेलहन की विकट समस्या उत्पन्न हो जाएगी। बीएओ विनय कुमार ने बताया कि किसान सलाहकारों से कराए गए सर्वेक्षण के आधार पर करीब 80 प्रतिशत फसल क्षति का आकलन किया गया है। इधर किसान मिथिलेश्वर प्रसाद, विनोद कुमार, सर्वदेव सिंह, दिनेश राय, सुमन्त कुमार, रविन्द्र सिंह, त्रिलोकी श्रीवास्तव, दिनेश राय, सुरेश राय, मणिभूषण पांडेय, टुनटुन सिंह, मुखिया हसनैन खां, डॉ. समशाद खां, धनंजय सिंह ने बताया कि आंधी व ओले से किसानों की 80 प्रतिशत से अधिक गेहूं की फसल बर्बाद हो चुकी है। दरौली में गेहूं की फसल बारिश में गिरी
किसानों के लिए प्राकृतिक आपदा अब मुसीबत बनती रही है। किसानों का कहना
है कि अभी हाल में अचानक आई बारिश व ओला से संभले भी नहीं थे कि गुरुवार
को एक बार फिर से आई बारिश ने उनकी समस्या बढ़ा दी है। कभी सुखाड़ तो कभी
तूफान उनकी मेहनत पर पानी फेर रहा है। बताया कि गुरुवार की रात तेज हवा
के साथ आई बारिश ने गेहूं की खड़ी फसल को बर्बाद कर दिया है। बताया कि
प्रखंड में खरीफ के मौसम में अत्यधिक बारिश होने से पहले ही धान की फसल
बर्बाद हो चुकी है। अब रवि के मौसम में किसी तरह से गेहूं की फसल को
लगाया गया था। गेहूं की लहलहाती फसल देख मन प्रसन्न हुआ तो तेज हवा के
झोंके के साथ बारिश ने चादर की तरह फैले गेंहू को गिरा दिया है। प्रखंड
क्षेत्र में गेहूं की फसल पलभर में बर्बाद हो गई है। सीओ आनंद गुप्ता ने
बताया कि फसल बर्बादी के आकलन के लिए बीएओ को निर्देश दिया गया है।

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