दरौली के सरयू नदी में तेज कटाव से ग्रामीणों में दहशत का माहौल

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  • ग्रामीणों का आरोप बाढ़ बिभाग और स्थानीय प्रशासन नही करता है मदद
  • मानसून की पहली बारिश में हुआ है करीब तीन सौ मीटर का कटाव
  • ग्रामीणों ने बाढ़ से पूर्व नदी के कटाव स्थल पर तत्काल रोकने की गुहार

परवेज अख्तर/सिवान: जिले के दरौली प्रखण्ड के अमरपुर गांव में सरयू नदी में हुए तेज कटाव से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना हैं कि साल की पहली मानसून में हुई मूसलाधार बारिश में नदी में तेज कटाव हुआ। जिससे नए जगहों पर नदी ने तीन सौ मीटर दूर तक तेजी से कटाव किया। ग्रामीणों की माने तो यह सरयू नदी द्वारा पिछले दस बर्षो में पहला नया कटाव है। ग्रामीणों का कहना है कि इस नए कटाव की वजह से बाढ़ के समय काफी खतरा बढ़ गया है। इस नए कटाव से अमरपुर, बेल्थरा टोला, खोर, बरौली, नरौली, सहित दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इस नए कटाव से कृषि योग्य करीब पांच बीघे से अधिक जमीन नदी में समा गई है। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और बाढ़ बिभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

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उनका कहना है कि सरकार अगर बाढ़ से पहले चिन्हित जगहों पर बालू की बोरी, पत्थर, ईंट, जालीदार लोहे की बोरिया, डाल दें तो शायद कभी नुकसान नही होगा। ग्रामीण  सहित सैकड़ों लोगों का आरोप था कि हर साल बाढ़ से नुकसान के बाद भी कोई ठोस उपाय सरकार नही करती है।हर साल बाढ़ बिभाग की तरफ से होता है लाखो का काम सरयू नदी में हुए तेज कटाव के बाद ग्रामीणों ने बाढ़ बिभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिभाग सिर्फ खानापूर्ति का काम करता है। जिसका कोई स्थायी समाधान नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बिभाग खानापूर्ति के नाम पर लाखों रुपये की लागत से बालू की बोरिया, ईंट, मिट्टी, डाल कर काम करता है। बाढ़ बिभाग के एसडीओ प्रमोद कुमार का कहना है कि बाढ़ बिभाग हर साल दो लाख से अधिक रुपये की लागत से कई जगहों पर हुए कटाव और बांधो की मरम्मत का काम करता है। इसकी सुरक्षा व्यवस्था के लिए होमगार्ड के जवानों की भी तैनाती बिभाग के द्वारा किया जाता है।

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