पुलिस ने रुकवाई दूसरी शादी, बिना दहेज संपन्न हुआ निकाह

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परवेज अख्तर/सिवान : जिले के मैरवा थाना क्षेत्र के मिस्करही गांव में साथ जीने साथ मरने की कसमें खाने के बाद युगल प्रेमी ने न्यायालय मे जाकर शादी रचा ली। कोर्ट मैरिज से खफा ससुराल पक्ष ने विवाहिता को बहु मानने इन्कार कर घर से निकाल कर दिया। विवाहिता अपनी मां के साथ मैरवा थाना पहुंची और थानाध्यक्ष के समक्ष आंसू बहाते हुए पति और सास-ससुर के विरुद्ध कार्रवाई का अनुरोध किया। उसने कहा कि सास, ससुर बिना दहेज हुई शादी को लेकर खफा हैं। उसके कोर्ट मैरिज को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। उसे ससुराल से निकाल दिया गया है। उसके ससुर अपने बेटे और कानूनी तौर पर बने उसके पति की दूसरी शादी तय कर दी है। कुछ दिनों बाद ही उसके पति की दूसरी शादी होने वाली है। यह सुनते ही पुलिस हरकत में आ गई। थानाध्यक्ष ने दोनों पक्षों को थाना आने के लिए बुलावा भेजा। दोनों पक्षों के साथ गांव के करीब 50 लोग थाना पहुंचे। थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह निराला के प्रयास से दोनों पक्षों में सुलह कराकर मतभेद समाप्त कर दिया गया। दोनों पक्षों ने धार्मिक रीति-रिवाज के तहत निकाह का प्रस्ताव रखा। इसे सभी ने स्वीकार कर लिया। बताते हैं कि रविवार को मिस्करही मस्जिद में शम्मा आरिफ और रोशन खातून का निकाह कराकर धार्मिक रीति रिवाज के साथ बिना दहेज की शादी संपन्न हुई और दुल्हन अपने ससुराल चली गई। इस संदर्भ में बताते हैं कि मिस्करही गांव के अख्तर अली के पुत्र शम्मा आरिफ ने 18 सितंबर 2018 को इसी गांव के मंसुद्दीन की पुत्री रोशन खातून के साथ कोर्ट मैरिज किया और कुछ दिनों के बाद कानूनी रूप से पत्नी बनी रोशन खातून को अपने घर लेकर चला गया। शम्मा आरिफ के माता-पिता कोर्ट मैरिज से हुई इस शादी को स्वीकार ने से इन्कार कर दिया, लेकिन बेटे के दबाव में दो महीने तक किसी तरह रोशन ससुराल में रह सकी। इस दौरान उस पर सास-ससुर दबाव बनाते रहे। बाद में रोशन को मालूम हुआ कि उसके पति की शादी तय कर दी गई है और 12 दिसंबर को शादी होने वाली है। सास-ससुर ने रोशन को उसके मायके भेज दिया। वह अपनी मां के साथ मैरवा थाना पहुंचकर थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह निराला से मिली और किसी तरह उसके पति की दूसरी शादी रुकवाने की गुहार लगाई।

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