आपसी सद्भावना का प्रतीक है रमजान : ज़ाकिरा कुलसुम ज़हरा

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परवेज अख्तर/सिवान:- जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कर्णपुरा ग्राम निवासी अली रज़ा की पुत्री ज़ाकिरा कुलसुम ज़हरा ने एक प्रोग्राम में तक़रीर करते हुए कहा के रमज़ान सिर्फ़ रोज़े रखने का नाम नहीं,रमज़ान अल्लाह की तरफ़ से दुनिया को दिया हुआ एक उपहार(तोहफ़ा)है। इस महीने में अमीर-ग़रीब,बड़े-छोटे का कोई भेद-भाव नहीं होता।सब मिलजुल कर अल्लाह की इबादत करते हैं और साथ ही साथ एक दूसरे की मदद भी करते हैं। वैसे तो इस महीने की फ़ज़ीलत बहुत सारे हैं मगर इस महीने की ख़ास फ़ज़ीलत ये है कि इस महीने में सच्चे दिल से,सच्ची नियत से अल्लाह से जो भी माँगा जाए वो पूरा होता है। अल्लाह ने इस महीने को अपना पसंदीदा महीना क़रार किया है । इसलिए हम सबका ये फ़र्ज़ बनता है कि जो भी ज़रूरत मन्द हो (चाहे जिस धर्म का मानने वाला हो) उसकी मदद करनी चाहिए ।अपने से ये कोशिश करनी चाहिए की कोई भाई भूखा ना रह जाए। नेक कामों के लिए हमेशा आगे आना चाहिये। अंत में दुआ करते हुए ज़ाकिरा ने कहा कि अल्लाह सभी को इस माहे मुबारक के सदके में नेक काम करने की तौफ़ीक़ अता फरमाएं और सभी रोज़ेदारों की इबादत को क़ुबूल फरमाएं।आमीन!!

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