एनडीए में बगावत:- मोदी से बैर नहीं, ब्यास सिंह तेरी खैर नही:अजय सिंह

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  • मैं पार्टी के आलाकमान द्वारा दी गई सिंबल का सम्मान सम्मान करता हूं :- ओम प्रकाश यादव
  • लगाए गए नारों का जवाब जनता खुद देगी:- ब्यास सिंह

परवेज़ अख्तर/सिवान:
“जब खुदा ही अपने रूठे हों तो दिल की जलन का क्या होगा और जब बाग़ का माली दुश्मन हो तो अहले चमन का क्या होगा “! यह उक्त पंक्तियां किसी और पे नहीं बल्कि वर्तमान समय में चल रही एनडीए गठबंधन के बगावत कर रहे नेताओं पर सटीक बैठ रही है। सिवान में नामांकन का सिलसिला जारी नही हुआ की तब तक एनडीए गठबंधन में बगावत शुरू हो गई है।

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एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। जहां एक तरफ जदयू नेता सह सांसद पति अजय सिंह ने सदर विधान सभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्यासी सह पूर्व सांसद ओम प्रकाश यादव के खिलाफ मोर्चा खोला है तो दूसरी तरफ दारौंदा विधान सभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्यासी कर्णजीत सिंह उर्फ ब्यास सिंह के विरुद्ध भी बगावत करने का सिलसिला जारी रखा है। दोनों प्रत्याशियों को मात देने की बात पटना से लौटने के बाद महेंद्र नाथ मंदिर में पूजा अर्चना करने पहुंचे सीवान के वर्तमान सांसद कविता सिंह के पति अजय सिंह ने पत्रकारों के समक्ष वार्ता के दौरान कही। महेंद्र नाथ परिसर में अपने दर्जनों समर्थकों के साथ “मोदी से बैर नहीं, ब्यास सिंह तेरी खैर नहीं”आदि नारों के बीच मंदिर परिसर में दिखे।

उधर सिवान के पूर्व सांसद ओम प्रकाश यादव से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पार्टी के आलाकमान ने मुझे सदर विधान सभा क्षेत्र से पार्टी का सिंबल देकर चुनाव मैदान में उतारा है। मैं पार्टी के आलाकमान द्वारा दी गई सिंबल का सम्मान करते हुए चुनावी मैदान में हूं। जीत हार तो लगी रहती है। अगर आम जनमानस का आशीर्वाद मुझे मिला तो मेरी जीत सुनिश्चित है। वहीं दूसरी ओर दारौंदा से भाजपा के प्रत्याशी कर्णजीत सिंह उर्फ ब्यास सिंह ने कहा कि दारौंदा विधानसभा क्षेत्र के सम्मानित जनता ने जिस तरह से चुनकर मुझे विधानसभा भेजने का काम किया अबकी बार उससे भी अधिक मतों से जनता मुझे जीता कर दुबारा विधानसभा भेजने का काम करेगी।

श्री सिंह ने कहा कि दारौंदा की जनता भली-भांति सब कुछ जानती है। उन्होंने कहा कि मोदी से “बैर नहीं, ब्यास सिंह तेरी खैर नहीं” का जवाब मैं नहीं बल्कि हमारे दारौंदा विधानसभा क्षेत्र के सम्मानित जनता खुद ईवीएम का बटन दबा कर देगी। अंत में उन्होंने कहा कि जो लोग दिन भर फूलों को पैरों से कुचल कर चलते हैं और शाम के समय में चमन की रहनुमाई का दावा करते हैं। वैसे लोगों पर विश्वास करने की जरूरत नही है।