सराय ओपी पुलिस निष्क्रिय :- लोहा व्यवसाई से चाकू मारकर हुई 4 लाख लूट मामले में नहीं हुई गिरफ्तारी

0
  • 19 नवंबर को अपराधियों ने लोहा व्यवसाई सहित एक मजदूर को चाकू मार, की थी चार लाख की लूट
  • आज भी लोहा व्यवसाई सहित स्थानीय दुकानदार दहशत के साए में

परवेज अख्तर/सीवान:
शहर सराय ओपी क्षेत्र के हरदियां मोड़ के समीप सिवान- छपरा मुख्य मार्ग पर बीते 19 नवंबर को बाइक सवार तीन अपराधियों ने लोहा व्यवसायी फतेहपुर निवासी रामजी सिंह के पुत्र चंदन सिंह उर्फ गुड्डू सिंह और दुकान में कार्यरत मजदूर लक्ष्मीपुर निवासी मुन्ना कुमार को चाकू गोदकर तकरीबन चार लाख रुपये की लूट कर लिया था. बताते चले कि घायल चंदन सिंह तकरीबन आठ बजे हरदियां मोड़ के पूर्वी छोर पर स्थित अपना थोक लोहा का दुकान बंद कर अपने मजदूर के साथ दिन भर कि व्यवसाय के पैसे लेकर बाइक से आ रहा था. तभी होंडा एजेंसी के समीप पहुंचा था कि पीछे से एक बाइक पर सवार तीन अपराधी आये और उनसे बाइक रोकने को कहा था.

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2023-10-11 at 9.50.09 PM
WhatsApp Image 2023-10-30 at 10.35.50 AM
WhatsApp Image 2023-10-30 at 10.35.51 AM
ahmadali
WhatsApp Image 2023-11-01 at 2.54.48 PM

जिसके बाद अपराधियों ने रुपए से भरा बैग छीनने लगे.अपराधियों का विरोध करने पर अपराधियों ने चाकू मार कर रुपये लूट लिया था. लेकिन तकरीबन 20 दिन बीतने के बाद भी सराय ओपी पुलिस लूट कांड में शामिल अपराधियों तक नहीं पहुंच सकी है. पुलिस केवल जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रही है.यही नहीं इससे पहले भी कई ऐसी घटनाएं इस थाना क्षेत्र में हुई है.जहां पुलिस न हीं अपराधियों को गिरफ्तार कर सकी है और न ही किसी घटना का उद्भेदन कर सकी है.

लोहा व्यवसाई सहित स्थानीय दुकानदार दहशत के साए में

सराय ओपी क्षेत्र के हरदिया मोड़ से लेकर तरवारा मोड़ और इस क्षेत्र के अन्य ऐसी सड़के हैं जो सबसे संवेदनशील है. हरदियां मोड़ से लेकर तरवारा मोड़ के बीच हमेशा अपराधी किसी न किसी घटना को अंजाम देते रहते हैं. लोहा व्यवसाई से चाकू मारकर लूट के बाद इस क्षेत्र में जितने भी व्यवसाय से जुड़े लोहा व्यवसाई सहित जितने भी दुकानदार हैं.सभी दहशत के माहौल में जी रहे हैं.व्यवसायियों का कहना है कि जब वरीय अधिकारी के निगरानी में छापेमारी हो रही है तो 20 दिनों बाद भी लूट में शामिल अपराधियों की न ही गिरफ्तारी हुई और न ही रुपए ही बरामद हुए. यहां तक कि पुलिस अपराधियों की पहचान भी नहीं कर सकी. फिर थाना में मौजूद पदाधिकारीयों से क्या उम्मीद होगा.