सिसवन: अवैध अल्ट्रासाउंड संचालकों को नहीं है प्रशासनिक अधिकारियों का डर

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परवेज अख्तर/सिवान: जिले के सिसवन प्रखंड के मुख्य बाजार चैनपुर में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों में भ्रूण जांच खुलेआम जारी है। यहां प्रखंड के हर कोने से गर्भवती महिलाएं आकर भ्रूण जांच कराती हैं। ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नहीं है। बावजूद इस पर अंकुश लगाने के लिए अब तक कोई कारगर कार्रवाई नहीं की गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक प्रखंड में कुल छह अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं, लेकिन चैनपुर बाजार में इस वक्त एक दर्जन से अधिक अल्ट्रासाउंड केंद्र अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। हालांकि 29 मई को जिलाधिकारी के आदेश पर चैनपुर बाजार में अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापेमारी की गई थी। छापेमारी के बाद तीन केंद्र को सील भी किया गया था, बावजूद इसके कई केंद्र अभी भी अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से जैसे खानापूर्ति कर जांच की रिपोर्ट जिले के वरीय अधिकारियों को सौंप दी जाती है।

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जब कभी छापेमारी होती है तो छापेमारी के आड़ में अवैध तरीके से भ्रूण जांच करने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों को सतर्क कर दिया जाता है और वे छापेमारी दल के पहुंचने से पहले ही अपने केंद्र को बंदकर फरार हो जाते हैं। इसके एवज में अधिकारियों को मोटी रकम दी जाती है। अहम बात यह है कि अल्ट्रासाउंड केंद्र के संचालक द्वारा पीएनडीटी एक्ट का पालन किया जा रहा है या नहीं, केंद्र के मशीन, लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन एवं कार्यरत चिकित्सक से संबंधित मानक पूरा किया गया या नहीं, इन सवालों पर स्वास्थ्य विभाग भी मौन है। पिछले वर्ष भी छापेमारी के नाम पर खानापूर्ति की गई थी। गैर लाइसेंसी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर छापेमारी की गई थी, लेकिन अवैध संचालकों में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कोई डर नहीं है। अधिकारी भ्रूण जांच के इस अवैध कार्य पर रोक नहीं लगा सके हैं। जाहिर है कि इस जघन्य कार्य में अल्ट्रासाउंड केंद्र के लिए दर्जन भर दलाल भी सक्रिय हैं जिन पर अंकुश लगाने की कवायद अब तक नहीं की गई है। इस संबंध में रेफरल अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डा. एएस खान ने बताया कि इस अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ अब प्राथमिकी की जाएगी। अगर किसी अल्ट्रासाउंड केंद्र में भ्रूण जांच जैसा अपराध किया जा रहा है तो इसकी गोपनीय जांच कर कार्रवाई की जाएगी।