सिवान: भाई की हत्या के आरोपी को 10 वर्ष सश्रम कारावास

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अपर जिला न्यायाधीश पंचम सह विशेष अदालत उत्पाद ने सुनाई सजा

परवेज अख्तर/सिवान: अपर जिला न्यायाधीश पंचम सह विशेष अदालत उत्पाद विजय कृष्ण सिंह की अदालत ने सहोदर भाई की हत्या करने के मामले में अभियुक्त अजीत सिंह को दोषी पाते हुए 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी है. अदालत ने अभियुक्त पर ₹60 हजार का आर्थिक दंड भी लगाया है. जिसमें 40 हजार अर्थदंड की राशि पीड़ित पक्ष को भुगतेय होगी. राशि नहीं देने पर अभियुक्त को 6 माह अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी. नौतन थाना के पचलखी गांव निवासी अजीत सिंह शराब का आदी था तथा शराब के नशे में आए दिन घर में मारपीट करता रहता था. बड़ा भाई सुजीत सिंह परिवार के साथ दिल्ली से पूजा के अवसर पर घर आया हुआ था. इसी क्रम में 30 जनवरी 2018 की संध्या को अजीत सिंह शराब के नशे में अपनी पत्नी को मारने लगा.

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सुजीत सिंह ने मारपीट का विरोध किया. इसी बात पर तैश में आकर पास में रखे सब्जी काटने वाले चाकू से अजीत सिंह ने अपने बड़े भाई सुजीत सिंह के घुटने के ऊपर प्रहार कर दिया. जिससे सुजीत सिंह जख्मी हो गया और इलाज के क्रम में उसकी मृत्यु हो गईम सुजीत सिंह के संबंधी उपेंद्र सिंह के बयान पर अजीत सिंह के विरुद्ध नौतन थाने हत्याकांड को ले प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. अदालत में सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अनिल कुमार पाठक ने हत्या को लेकर अभियुक्त के विरुद्ध कठोर सजा की मांग की.

जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ब्रजेश कुमार दुबे ने कठोरतम सजा का विरोध करते हुए न्यायालय से अपील किया कि शराब के अत्यधिक नशे में अभियुक्त द्वारा अपने बचाव में चाकू का प्रयोग कर दिया गया जिसके चलते सुजीत सिंह घायल हो गया और उसका निधन हो गया. अभियुक्त अपने भाई को बहुत सम्मान करता था किंतु शराब के नशे में उससे अनहोनी हो गई और यह गैर इरादतन हत्या का मामला है. जिस पर विचार हिना चाहिए. न्यायालय ने अभियोजन और बचाव पक्ष को सुनने के पश्चात अभियुक्त को कठोरतम सजा भादवी की धारा 302 को परिवर्तित कर 304 के अंतर्गत 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी है.