सिवान: मोदी साह की तानाशाही के खिलाफ संघर्षो का अग्रिम बनेगा बिहर- दीपांकर

0

परवेज अख्तर/सिवान: भाकपा माले के 12वें ज़िला सम्मेलन के समापन सत्र को संबोंधित करते हुए भाकपा माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि देश की संसद पर अरब-खरब पतियों और संविधान विरोधी ताकतों का कब्ज़ा हो गया है. इसलिये ऐसी ताकतों का मुकाबला ऐतिहासिक किसान आंदोलन के तर्ज पर ही होगा. छात्र-युवाओं, मज़दूरों और महिलाओं के उठ रहे संघर्षों में ही भारत का भविष्य सुरक्षित है. ऐसे आंदोलनों का केंद्र एकबार फिर बिहार बन रहा है. आंदोलन को दबाने के लिये नौजवानों और आंदोलनकारियों को मुकदमों में फंसाया जा रहा है. देश की सुरक्षा और सेना को कमजोर करने वाली अग्निपथ योजना आंदोलन में सैकड़ों नौजवान जेलों में बंद हैं.

विज्ञापन
WhatsApp Image 2023-01-25 at 10.13.33 PM
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2022-08-26 at 8.35.34 PM
WhatsApp Image 2022-09-15 at 8.17.37 PM

बिहार के साथ नाइंसाफी और शिक्षा अधिकार पर हमले के खिलाफ कल पटना में आइसा के साथियों ने साहसपूर्ण प्रतिवाद किया है. बिहार को अपने गौरवपूर्ण अतीत के आधार पर मोदी के फांसीवादी निज़ाम का अग्रिम दुर्ग बनना होगा और एकबार फिर देश की अगुवाई करनी होगी. सीवान में भाजपाई तिकड़मों का मुकम्मल जवाब भाकपा माले है और सामंती-साम्प्रदायिक ताकतों के खिलाफ संघर्षों का व्यापक व स्वाभाविक मंच भाकपा माले को बनना है. सम्मेलन में बोलते हुए पार्टी पोलित ब्यूरो के सदस्य धीरेन्द्र झा ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से जिला की राजनीति पर भाजपा-जदयू का कब्ज़ा है।इन वर्षों में एक भी कल कारखाने नही लगे और बन्द पड़े पुराने कल कारखाने को ध्वस्त कर दिया गया है. जमीन बेच दी जा रही है.

प्रखंडों में डिग्री कालेज खोलने की मांग माले विधायक बार बार करने के बावजूद सरकार सोयीं हुई है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के गृह ज़िला में अस्पतालों की बदहाली बनी हुई है. इन सवालों पर भाकपा माले तेज करेगी. 31 जुलाई को भाकपा माले का 12 वां जिला सम्मेलन दूसरा दिन भी जारी रहा. 50 प्रतिनिधियों ने बहस मे हिस्सा लिया. बहस के बाद प्रस्ताव पास हुआ और 12 सूत्री आगामी कार्यभार लिया गया. जिसमें फरवरी 2023 होनेवाला राष्ट्रीय महाधिवेशन के पहले दिन गांधी मैदान रैली होगा जिसमे हजारों लोग भाग लेंगे.

बिहार को आंदोलन का गढ़ बनाने. मिशन 2024 के तहत पूरे सीवान में पार्टी को फैलाने का कार्य भार लिया. 35 सदस्य की नई कमिटी बनी और फिर से हंसनाथ राम को जिला सचिव चुना गया. सात सदस्यों की टीम नईमुद्दीन अंसारी, सत्यदेव राम, सोहिला गुप्ता, बच्चा प्रसाद कुशवाहा, युगल ठाकुर, जयनाथ यादव, बंका प्रसाद की टीम अध्यक्षता कर रही है. तकनीकी सहयोग की टीम में शिवनाथ राम, सुरेंद्र प्रसाद और जगजीतन शर्मा शामिल हैं. राज्य की ओर से केंद्रीय पर्यवेक्षक के बतौर इंद्रजीत चौरसिया भाग ले रहे हैं.