सिवान: गेहूं की पैदावार में भारी गिरावट से किसान हैं परेशान

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kishan
  • तापमान में बढ़ोतरी व देर से हुई बुआई को भी वजह मान रहे विशेषज्ञ
  • 35 से 40 फीसदी तक गेहूं की पैदावार में इस साल आयी है गिरावट
  • 02 हजार 15 रूपये प्रति क्विंटल इस साल निर्धारित है गेहूं का दर
  • 01 हजार 900 से 1 हजार 950 रूपये तक है गेहूं का बाजार भाव

परवेज अख्तर/सिवान: जिले में आज से गेहूं की खरीद सरकारी स्तर से शुरू हो जाएगी। इसे लेकर सहकारी समितियां तैयारी कर रखीं हैं। लेकिन, गेहूं की पैदावार में भारी गिरावट और गेहूं की सरकारी दर कोई खास नहीं होने के कारण किसान इच्छुक नहीं दिख रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार की ओर से गेहूं का दर 2 हजार 15 रुपए निर्धारित किया गया है। जबकि मौजूदा समय में गेहूं का बाजार भाव 1900 से लेकर 1950 रुपए है। हालांकि, इसमें उतार-चढ़ाव बना रहता है। कब गेहूं का रेट कम हो जाए कोई नहीं कह सकता। बहरहाल, जिले में गेहूं के पैदावार में 35 से 40 फीसदी तक गिरावट आयी है। किसानों का कहना है कि अभी गेहूं की कटनी चल ही रही है। अपने खर्च लायक गेहूं रख लेने के बाद ही बिक्री के बारे में सोचा जा सकता है। किसान शंभुनाथ राय ने कहा कि माघ महीने में अचानक से गर्मी बढ़ने और पछुआ हवा का प्रभाव बने रहने के कारण इस साल गेहूं के पैदावार में गिरावट आयी है। माघ में अधिकतर हिस्से में गेहूं के बालियों में अभी फूल लगे ही थे कि मौसम में बदलाव हो गया। कृषि विभाग की ओर से कराए जा रहे क्रॉप कटिंग में भी अधिकतर जगहों से इसी तरह की रिपोर्ट आ रही है। लेकिन, इस कार्य में लगे अधिकारी और कर्मचारी रिपोर्ट में हेरफेर करने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसा किसानों का आरोप है। किसानों का कहना है कि जहां कम उत्पादन हुआ है, उसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। किसान नेता रत्नेश्वर सिंह ने कहा कि गेहूं के पैदावार का सही से आकलन करके किसानों को मौसम की मार से हुई कम उत्पादकता की भरपाई के लिए किसानों को मुआवजा दी जानी चाहिए।

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करसर में आज से शुरू होगी गेहूं की खरीदारी

गेहूं की अंधाधुंध कटनी और दौनी के बीच 20 अप्रैल से शुरू हो रही खरीदारी को लेकर किसानों में अभी उत्सुकता न के बराबर है। कुछेक किसानों ने ही गेहूं की बिक्री के लिए अब तक रजिस्ट्रेशन कराया है। हालांकि, रघुनाथपुर प्रखंड के करसर पैक्स अध्यक्ष रविरंजन सिंह का दावा है कि उनके पैक्स में 13 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। बुधवार से गेहूं की खरीदारी शुरू हो जाएगी, इच्छुक किसान रजिस्ट्रेशन कराकर मुझे गेहूं दे सकते हैं। लेकिन, कई पैक्सों में अब तक इसके लिए किसानों ने रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराए हैं। किसान मुंद्रिका साह ने बताया कि गेहूं की खरीद के प्रति सहकारिता विभाग अक्सर लापरवाही करता है। इस वजह से बहुतेरे किसान गेहूं की बिक्री करने से वंचित रह जाते हैं। बहरहाल, जिले में 128 सहकारी समितियों (पैक्स और व्यापार मंडल) का ही चयन हो सका है। जिसमें रघुनाथपुर में अब तक 5 समितियों का ही गेहूं की खरीदारी करने के लिए चयन हो सका है।

वेबसाइट खोलने पर दिख रहा है सर्वर एरर

गेहूं की पैदावार में कमी से परेशान किसानों के लिए सहकारिता विभाग वेबसाइट भी परेशान करके रख दिया है। किसानों का कहना है कि वेबसाइट पर क्लिक करते ही ‘सर्वर एरर इन/एप्पलीकेशन करके आ जा रहा है। किसान इस बात को लेकर भी परेशान हैं कि खरीफ सीजन में धान की बिक्री के लिए जमीन होने के बावजूद गैर-रैयत किसान में अपना रजिस्ट्रेशन कराना पड़ा था। जमीन का खाता-खेसरा अंचल कार्यालयों की लापरवाही के कारण पोर्टल पर मौजूद नहीं होने से रैयत किसान में उनका रजिस्ट्रेशन हुआ ही नहीं। इस साल रजिस्ट्रेशन कराने को लेकर किस तरह की अड़चनें आएंगी, सर्वर के एरर दिखने के कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। इसके बारे में सहकारिता विभाग के अधिकारियों को भी कुछ जानकारी नहीं है। अब तक कितने किसानों ने रजिस्ट्रेश्न करवा लिया है, इस संबंध में जिले प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों का कहना है कि अभी पोर्टल पर शो की नहीं कर रहा है।