सिवान: सप्तमी पर आज से पूजा पंडालों में माता भक्तों को देंगी दर्शन

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परवेज अख्तर/सिवान: शारदीय नवरात्र मां दुर्गा पूजा के महाषष्ठी पर शुक्रवार को बेलवर्ण अनुष्ठान संपन्न हुआ। शाम में जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विभिन्न मंदिरों एवं पूजा पंडालों से गाजे-बाजे के साथ श्रद्धालु पास के बेल वृक्ष के समीप पहुंच कर पूजा की गई। वहीं महा-सप्तमी पर नवपत्रिका मंडप प्रवेश के साथ जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में निर्मित पूजा पंडालों के पट शनिवार को खुल जाएंगे। आचार्य पंडित उमाशंकर पांडेय ने बताया कि शनिवार की सुबह से लेकर देर शाम तक पूजा पंडालों व देवी मंदिरों में महासप्तमी की पूजा अर्चना होगी, इसलिए माता के पट शनिवार को खुल जाएंगे। इसके बाद भक्तों को माता के दर्शन का मौका मिलेगा। मान्यता के अनुसार, देवी दुर्गा ने असुर महिषासुर का वध किया इसलिए बुराई पर अच्छाई के प्रतीक के रूप में नवदुर्गा की पूजा करने की परंपरा शुरू हुई, वहीं कुछ लोगों का मानना है कि साल के इन्हीं दिनों में मां दुर्गा अपने मायके आती हैं।

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महासप्तमी को लेकर पूजा की तैयारियां पूरी :

महासप्तमी के मौके पर पूजा पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। श्रद्धालुओं को अब बस भक्तों को पट खुलने के साथ ही माता के दर्शनों का इंतजार है। क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में मां-दुर्गा की पूजा के लिए एक से बढ़कर एक पंडाल के निर्माण किए गए हैं। जहां पर महासप्तमी, महाअष्टमी एवं महानवमी का अनुष्ठान की तैयारियां की जा चुकी हैं।

माता कालरात्रि की पूजा की दिनभर होती रही तैयारी :

शुक्रवार को महाषष्ठी पूजा के साथ महासप्तमी के दिन माता कालरात्रि की पूजा-अर्चना को लेकर पूरा शहर तैयारी में लीन नजर आया। साथ ही जगह-जगह षष्ठी पूजा के दौरान नवरात्र में आराधना कर रहे श्रद्धालुओं ने बेल के पेड़ में जोड़ा बेल की विधिवत पूजा की। उदया तिथि में माता की आराधना का फल सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, इसलिए मां दुर्गा प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा रविवार की सुबह से शुरू हो जाएगी। महासप्तमी की रात्रि में 1 बजकर 37 बजे से लेकर तीन बजकर 51 मिनट तक निशा पूजा होगी। इस दौरान कचहरी स्थित काली मंदिर में विशेष पूजा होगी। निशा पूजा के दौरान तांत्रिक श्मशान जाएंगे और कालरात्री की पूजा करेंगे।

प्रशासन की रहेगी कड़ी नजर :

दुर्गापूजा को शांति पूर्ण तरीके से पूर्ण कराने को लेकर पुलिस प्रशासन ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। विभिन्न पूजा स्थानों के लिए मजिस्ट्रेट की तैनाती भी कर दी जाएगी। इसके अलावा पुलिस तथा होमगार्ड के जवानों की प्रतिनियुक्ति विभिन्न स्थानों के लिए कर दी गई है। क्षेत्र में निरंतर गश्त करने के साथ ही संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं।