..वाकई में जिले के 3656 वार्डों में पहुंचा नल का जल!

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परवेज अख्तर/सिवान:- राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल हर घर नल का जल योजना के तहत जिले में 3656 वार्डों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का कार्य पूरा करने का दावा विभाग ने किया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 3901 वार्डों में नल जल का कार्य किया जाना है। इसमें से 3656 वार्डों में नल का जल लोगों तक पहुंच गया है। जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने बताया कि लगभग 90 प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति कर ली गई है। वहीं दूसरी ओर पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता ईं. विनोद कुमार ने बताया कि पीएचईडी के तहत 293 वार्डों में नल का जल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 270 वार्डों में कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष बचे हुए 23 वार्डों में बारिश का पानी जमा हो जाने के कारण नहीं हो पाया है। हालांकि पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। सितंबर माह के अंत तक शेष बचे वार्डों में नल का जल पहुंचा दिया जाएगा।

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3608 वार्डों में नल का जल पहुंचाने का निर्धारित था लक्ष्य

आंकड़ों पर गौर करें तो जिला पंचायती राज विभाग द्वारा सदर के 232, मैरवा के 112, दरौली के 213, गुठनी के 137, हुसैनगंज के 146, रघुनाथपुर के 208, बड़हरिया के 362, पचरुखी के 245, आंदर के 135, सिसवन के 163, नौतन के 107, हसनपुरा के 168 जीरादेई के 180, दरौंदा के 185, महाराजगंज के 219, गोरेयाकोठी के 273, बसंतपुर के 100, लकड़ी नबीगंज के 170 तथा भगवानपुर हाट प्रखंड के 253 वार्डों में नल का जल पहुंचाने का लक्ष्य विभाग द्वारा निर्धारित किया गया था। इनमें से 3386 वार्डों में नल का जल पहुंचा दिया गया है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

लॉकडाउन का असर सरकार की अति महत्वपूर्ण योजना में से एक नल जल योजना पर पड़ा है। सरकार ने इसे मार्च तक पूर्ण करने का सभी विभागों को समय दिया था, लेकिन लॉकडाउन के कारण यह कार्य पूर्ण नहीं हो सका।

राज कुमार गुप्ता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, 

क्या कहते है

कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी

लॉकडाउन के कारण कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा था। साथ ही जलजमाव के कारण भी कार्य में बाधा आई है। पीएचईडी विभाग को 293 वार्डों में काम कराना है। इसमें से 270 पूर्ण हो चुका है। शेष वार्डों में भी काम तेजी से किया जा रहा है। सितंबर के अंत तक कार्य को पूर्ण कर लिया जाएगा।

ईं. विनोद कुमार, कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी, सिवान