तहसीन परवेज़ प्रकरण: पत्रकार पुत्र मामले में आरोपीत ने काटे जेल के अंदर 5 रात व 6 दिन

0
  • दोनों आरोपितों ने किया था 28 जनवरी को न्यायालय में आत्मसमर्पण
  • कांड के दो नामजद आरोपीत अभी भी पुलिस पकड़ से बाहर
  • आरोपित हैदर अली तथा नूर हसन अंसारी को जेल में रहने के बाद मिली जमानत

राणा प्रताप शाही/पटना:
सीवान ऑनलाइन न्यूज के एडिटर इन चीफ सह वरिष्ठ पत्रकार परवेज अख्तर के 7 वर्षीय पुत्र T उर्फ शानू को एक दुकानदार द्वारा अपने परिजनों संग मिलकर गला दबाकर निर्मम हत्या के प्रयास के मामले में सिवान जिले के जी.बी. नगर थाना कांड संख्या 342/ 2020 के दो नामजद आरोपित हैदर अली तथा नूर हसन अंसारी दोनों पिता स्वर्गीय इसहाक अंसारी ने बीते 28 जनवरी को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी श्री आरके पांडे के न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। आत्मसमर्पण के पश्चात श्री आरके पांडे की अदालत ने दोनों आरोपितों को दर्ज कांड में रिमांड करते हुए जेल की हवा खिला दी थी। जहां आरोपित हैदर अली तथा नूर हसन अंसारी ने सीवान मंडल कारा में पांच रात तथा 6 दिन काटे। बाद में उन्हें श्री आरके पांडे की अदालत ने जेल में रहने के बाद दोनों को जमानत दे दी। जेल से छूटने के बाद दोनों आरोपितों ने स्थानीय थाने में बुधवार को न्यायालय द्वारा सुपुर्द रिकॉल संख्या 5161/2020 को दर्ज कांड के अनुसंधानकर्ता को सुपुर्द कर दिया।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
aliahmad
dr faisal

लेकिन अभी भी इस कांड के दो नामजद आरोपीत गुड्डू अंसारी पिता स्वर्गीय इसहाक अंसारी व नईमउल हक पिता नूर हसन अंसारी फरार चल रहे हैं। जिनकी जमानत अभी न्यायालय द्वारा नहीं दी गई है। यहां बताते चले दर्ज जीबी नगर थाना कांड संख्या 342 /2020 के आरोपितों ने अपनी अग्रिम जमानत हेतु सिवान न्यायालय में अपने वरीय अधिवक्ता अरुण कुमार सिन्हा के माध्यम से आवेदन पत्र देकर निविष्ट किया।जहाँ 23 जनवरी को दोनों पक्ष की ओर से जोरदार चली लगभग आधा घण्टा बहस के बाद आवेदक के अधिवक्ता तथा अभियोजन पक्ष की ओर से बहस सुनने के पश्चात तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रामायण राम की अदालत ने आरोपितों की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।अभी इस प्रकरण की सुनवाई पटना के उच्च न्यायालय में होनी बाकी थी कि इसी बीच दर्ज कांड के दो आरोपी हैदर अली तथा नूर हसन अंसारी ने बीते 28 जनवरी को सीवान न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था।

जहां प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी श्री आर के पांडे की अदालत ने आत्मसमर्पण किए दोनों आरोपितों को जेल की हवा खिला दी थी।बाद में श्री आर के पांडे की अदालत ने 2 फरवरी को जेल में बंद हैदर अली तथा नूर हसन अंसारी को जमानत दे दी।यहां बतादें कि आरोपित पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता अरुण कुमार सिन्हा तथा अभियोजन पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता श्री इष्टदेव तिवारी, वरीय अधिवक्ता सुनील कुमार मिश्रा,वरीय अधिवक्ता जयनाथ सिंह ,वरीय अधिवक्ता उत्तम सिंह, वरीय अधिवक्ता परमानंद पांडे समेत आधा दर्जन अधिवक्तागण हिस्सा लिए हुए थे।