सिवान की पांच शिक्षिकाओं को द बिहार टीचर्स-हिस्ट्री मेकर सम्मान

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  • द बिहार टीचर्स-हिस्ट्री मेकर्स की ओर से शिक्षिकाओं को दिया गया है प्रशस्ति-पत्र
  • मेरा मोबाइल, मेरी शिक्षा कार्यक्रम के तहत कोरोना काल में बच्चों को दी थीं शिक्षा

परवेज अख्तर/सिवान: कोरोना महामारी के दौरान ‘मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा कार्यक्रम के तहत ऑनलाइन शिक्षण कार्य में उत्कृष्ट कार्य करने पर जिले की पांच शिक्षिकाओं को ‘द बिहार टीचर्स-हिस्ट्री मेकर्स की ओर से सम्मानित किया गया है। पटना के संत जेवियर कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी को प्रशस्ति-पत्र दिया गया। कोरोना काल में सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षण कार्य करने में बेहतर प्रदर्शन पर राज्य के कुल 110 शिक्षकों को नालंदा खुला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केसी सिन्हा, एससीईआरटी के निदेशक विनोदानंद झा व आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व डीन डॉ. ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी ने सम्मानित किया है। ‘शिक्षक पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम सीवान जिले की पांच शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया है। इन शिक्षकाओं में मिडिल स्कूल गोरियाकोठी की शिक्षिका व ग्रुप की स्टेट मोटिवेटर्स रश्मि बाला बरनवाल, रघुनाथपुर प्रखंड के मिडिल स्कूल अमवारी की वरीय शिक्षिका कनक लता श्रीवास्तव, प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय पचरूखी की शिक्षिका डॉ. शोभा कुमारी, मिडिल स्कूल सरसर की शिक्षिका पूनम त्रिपाठी और मिडिल स्कूल दुधड़ा की शिक्षिका ललिता शर्मा शामिल हैं।

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13 हजार शिक्षकों ने ऑनलाइन शिक्षण कार्य में लिया था भाग

मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा कार्यक्रम के तहत कोरोना काल में किए गए ऑनलाइन शिक्षण कार्य में सूबे के 13 हजार शिक्षकों ने भाग लिया था। ग्रुप के सदस्य व प्राथमिक उर्दू मकतब के शिक्षक सुजीत कुमार निराला ने बताया कि जिन शिक्षिकाओं को पटना में सम्मानित किया गया है, वें काफी मेहनत करके बच्चों को कोरोना काल में शिक्षा देने का काम की हैं। कहा कि हमें इन शिक्षिकाओं पर नाज है। मिडिल स्कूल अमवारी शिक्षिका कनक लता श्रीवास्तव तो अक्सर राज्यस्तर पर प्रशिक्षण लेकर शिक्षकों को प्रशिक्षित करती रही हैं। विभाग रघुनाथपुर से इनका ही नाम प्रशिक्षण के लिए भेजता है। चुकी पढ़ने और पढ़ाने में ये रूचि दिखातीं हैं।