मैं रहूं या ना रहूं तरवारा के सम्मानित जनता को तारीख याद रखेगा: पूर्व राज्य सभा सांसद अली अनवर

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  • पूर्व राज्यसभा सांसद द्वारा नसीहत दिए जाने के बाद रहमतुल्लाह के आंखों से छलक उठे आंसू
  • शाहिदा खातून की जीत नहीं बल्कि समाज के दबे कुचले लोगों की जीत है

परवेज अख्तर/एडिटर इन चीफ:
चर्चित समाजसेवी सह एमएलसी पद के भावी प्रत्याशी रईस खान के बृहद करीबी माने जाने वाले रहमतुल्लाह अंसारी की धर्मपत्नी शाहिदा खातून के मुखिया पद पर काबिज होने के बाद उनके पति रहमतुल्लाह अंसारी को पसमांदा समाज के दिलों की धड़कन,बुजुर्गों का बेटा,नौजवानों का भाई,जदयू के पूर्व राज्यसभा सांसद अली अनवर ने कहा कि यह जीत रहमतुल्लाह अंसारी  व शाहिदा खातून की जीत नहीं बल्कि समाज के दबे कुचले लोगों की जीत है। उन्होंने कहा कि मैं सबसे पहले पचरुखी प्रखंड के तरवारा पंचायत के तमाम आवाम को दिल की गहराइयों से धन्यवाद देता हूं, कि आप जैसे सम्मानित जनता ने एक गरीब के बेटा को अपना एक एक आशीर्वाद देकर प्रखंड स्तर तक भेजने का काम किया,उन्होंने कहा कि मैं दुनिया में रहूं या ना रहूं लेकिन तरवारा के सम्मानित जनता को तारीख याद रखेगा।

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यहां बताते चले कि शाहिदा खातून के मुखिया पद पर काबिज होने के बाद जदयू के पूर्व राज्यसभा सांसद अली अनवर ने अपने हाथों रहमतुल्लाह अंसारी को मिठाई खिलाकर धन्यवाद के साथ साथ कई तरह के नसीहत भी दी।पूर्व राज्यसभा सांसद अली अनवर के नसीहत दिए जाने के दरमियान रहमतुल्लाह अंसारी के आंखों से आंसू छलक उठे,इस दौरान रहमतुल्लाह अंसारी ने कहा कि मैं अपने पंचायत के सभी वर्गों को एक साथ मिलाकर चलने का काम करूंगा,मैं सभी वर्गों का एक एक आशीर्वाद को कर्ज के रूप में स्वीकार किया हूं,जिसका चुकता करना मेरी पहली प्राथमिकता होगी,अंत में पूर्व राज्यसभा सांसद अली अनवर से रहमतुल्लाह अंसारी ने कहा कि हमारे कार्यकाल उन लोगों को हमेशा दूर रखा जाएगा जो दिन भर अपने पैरों से फूलों को कुचल कर चलते हैं और शाम के समय में चमन की रहनुमाई का दावा करते हैं।