सीवान के विभिन्न होटलों पर सज रही है विधानसभा की महफिल

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  • बिहार के गद्दी पर विराजमान होंगे तेजस्वी या नीतीश ? सिवान में कयासों का दौर जारी
  • सिवान में मतगणना नजदीक आते ही नेताओं की तेज हुई धड़कनें

परवेज़ अख्तर/सिवान:
बिहार विधानसभा के 243 सीटों के लिए तीन चरणों में मतदान कार्य शनिवार को संपन्न हो गया।आखिरी चरण के मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही एक्जिट पोल के नतीजों ने आम-अवाम के साथ राजनीतिकों की धड़कनें भी बढ़ाने का काम किया है। मतदान के बाद और मतगणना से पूर्व लोगों द्वारा तरह -तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। चौक-चौराहों से लेकर चाय व मिठाई की दुकानों पर एनडीए व महागठबंधन के उम्मीदवारों के रिजल्ट को लेकर चुनावी चर्चा तेज हो गई है। चाय की चुस्की के साथ प्रत्याशियों के हार-जीत का गणित लगाया जा रहा है। इतना ही नहीं चर्चा में इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि चुनाव बाद बिहार की गद्दी पर कौन बैठने जा रहा है और आने वाले समय में बिहार में कैसा माहौल कायम होगा। लोग सरकार बनाते और गिराते नजर आ रहे हैं।

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कोई जातीय समीकरण पर किसी को जीता रहा है, तो कोई विकास कार्यों को आधार बना रहा है। चुनावी चर्चा में विकास, भ्रष्टाचार, अपराध व शिक्षा तथा बेरोजगारी जैसे विभिन्न मुद्दे शामिल रह रहे हैं। कोई युवा नेता तेजस्वी पर दांव लगा रहा है, तो कोई फिर से नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री बना रहा है। इसके अलावा एक्जिट पोल को लेकर एनडीए व महागठबंधन के समर्थकों के दिलों की धड़कनें बढ़ चली हैं। इसको लेकर जगह जगह चर्चाओं का बाजार गरम है। जो मतगणना के साथ ही समाप्त होगा। इस पर लोगों के विचार प्रस्तुत है।

क्या कहते हैं लोग  

लोगों को अपने आप पर संयम रखना चाहिए। एक दिन के बाद जो भी होगा सबके सामने रहेगा, लेकिन जहां तक 2010 व 2015 के विधानसभा चुनाव की बात की जाए, तो जो भी सर्वे आया था।उसमें पांच से सात प्रतिशत आंकड़ा इधर-उधर रहा था। हाल में भी जो सर्वे आया है, इस सर्वे को भी सही माना जाए। सर्वे के अनुसार महागठबंधन की सरकार बनने की ज्यादा उम्मीद है। मतदाताओं के दिमाग में विकास और नौकरियों का मुद्दा हावी रहा है।ओमप्रकाश गुप्ता, व्यवसायी।

अंदाज पर कुछ नहीं कहा जा सकता, टीवी चैनलों के दावे सही नहीं होते हैं, लेकिन सरकार एनडीए की ही बनेगी। महिलाओं की भागीदारी बताती है कि अबकी बार फिर से नीतीश कुमार ही सूबे के मुख्यमंत्री होंगे। जहां तक देखा जाए तो केंद्र में भी एनडीए की सरकार है और प्रदेश में भी एनडीए की सरकार होगी तो निश्चित रूप से विकास संभव हो पाएगा।

सुशील कुमार झुनझुनवाला

चाहे जिसकी भी सरकार बने, विकास का कार्य तो हर परिस्थिति में होनी चाहिए। एक्जिट पोल के आंकड़े को शत प्रतिशत सही नहीं माना जा सकता है, लेकिन इसको नकारा भी नहीं जा सकता है। जहां तक सरकार के जन आकांक्षाओं पर खरा उतरने की बात है तो अगर विकास होगा और लोगों को रोजगार व नौकरियां मिलेंगी तो सब सही है।वैभव रंजन, छात्र टीवी चैनलों द्वारा जो भी चुनावी सर्वे दिखाया जा रहा है, वो बिल्कुल ही गलत है। सूबे में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनेगी। सबसे पहले तो जो विकास कार्य रुके है, उनको पूरा करते हुए आगे भी विकास किया जाएगा। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के अवसरों को भी जगह दी जाएगी।

ओमप्रकाश यादव, भाजपा प्रत्याशी

चुनावी सर्वे जो सामने आया है, बिल्कुल ही सही है। सर्वे से भी ज्यादा सीटों पर महागठबंधन को सीट आएगी। पूर्ण बहुमत से भी ज्यादा सीट आएगी और तेजस्वी यादव सूबे के मुख्यमंत्री होंगे। प्रदेश में विकास ही विकास होगा। जितनी बातें पार्टी के मेनिफेस्टों में है, सबको पूरा किया जाएगा।

अवध बिहारी चौधरी महागठबंधन प्रत्याशी

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