अपनों की चिंता छोड़ आइसोलेशन सेंटर में कोविड-19 संक्रमितों की देखभाल कर रही है एएनएम नीलम कुमारी

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  • 4 माह से बिना छुट्टी लिए अपने कर्तव्य को बखूबी निर्वहन कर रही हैं
  • मरीजों की सेवा करना ही मेरी पहली प्राथमिकता: नीलम

गोपालगंज: ‘‘चुनौतियों के बीच कार्य करना आसान तो नहीं है, लेकिन अपने कर्तव्यों का पालन करना आज के दौर में अधिक जरुरी भी है. मैं इसी सोच के साथ दिन-रात लोगों की सेवा में जुटी रहती हूँ. संक्रमण को लेकर लोगों के मन में डर और अनिश्चितता में बढ़ोतरी हो रही है. ऐसे में हम जैसे स्वास्थ्य कर्मियों के निर्भिक होकर कार्य करने से लोगों को प्रेरणा भी मिलती है.’’ यह बातें जिले के थावे आइसोलेशन सेंटर में कार्यरत एएनएम नीलम कुमारी ने बतायी. कोरोना महामारी में अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन को लेकर गंभीरता एवं 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात नीलम एक सच्चे कोरोना योद्धा की भूमिका अदा कर रही हैं. यद्यपि, कुछ ऐसी ही जिम्मेदारियों के साथ जिले के सभी चिकित्सा कर्मी एवं क्षेत्रीय कर्मी कार्य करने में जुटे हैं.

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सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म

नीलम कहती हैं उनके लिए लोगों को सेवा देना ही धर्म है. वह इसी धर्म का पालन कई वर्षों से कर रही है. उन्होंने बताया जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीज निकलने के बाद उन्हें भी थोड़ी परेशानी हुई। लेकिन अब कोरोना मरीजों की सेवा करते-करते उनसे आंतरिक लगाव भी हो गया है. एएनएम नीलम राल्सन में बने आइसोलेशन सेन्टर अपनी सेवा दे रही थी। लेकिन 1 जुलाई से उनकी ड्यूटी थावे के आइसोलेशन सेंटर में लगा दी गयी। यहां अपने बेहतर कार्यो के बदौलत एक अलग पहचान बना चुकी है। उनका मुख्य कार्य यहां भर्ती मरीजों की दवा देना, स्वास्थ्य जांच करना, ऑक्सीजन लेवल, बीपी एवं सुगर आदि की जाँच करना है.

चुनौतियां तो है, लेकिन काम जरूरी

एएनएम नीलम कहती है कोरोना संक्रमण के इस दौर में काफी चुनौतियां हैं, लेकिन समाज के लिए उनके साथ अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का भी खड़ा होना बेहद जरूरी है। संक्रमण काल में हर पल सतर्क रहना पड़ता है। लोगों को लगातार स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रहे हैं। स्थिति अभी ये हो चली है कि अस्पताल से जाने का कोई समय नहीं है। घर की चिंता भी रहती है , लेकिन लोगों की सेवा करना उनकी जिम्मेदारी भी है. उन्होंने बताया कोरोना संक्रमण के दौर में घर, परिवार छोड़कर वह अपनी जिम्मेदारी तो निभा रहे हैं। लेकिन लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी के प्रति ईमानदार रहने की जरूरत है. यह किसी एक व्यक्ति की लडाई नहीं है. इसलिए आम लोगों को भी कोरोना के प्रति अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है.

डरते हैं परिवार के लोग

मूल रूप से छपरा की रहने वाली एएनएम नीलम जब ड्यूटी कर अपने घर मीरगंज लौटती है तो परिवार के लोग इस बात से डरते हैं कि कहीं वे लोग भी कोरोना के संक्रमण के शिकार ना हो जाए, क्योंकि एएनएम जहां ड्यूटी करती हैं वहां पर सिर्फ कोरोना पॉजिटिव मरीजों को ही भर्ती किया जाता है। इसलिए खतरा बहुत अधिक रहता है। इस वजह से परिवार के सदस्यों में यह डर बना रहता है। लेकिन एएनएम नीलम कहती हैं वह काफी सतर्कता और सुरक्षा के साथ अपने कर्तव्य को निभाती है, ताकि वे अपना व अपने परिवार के लोगों की सुरक्षा कर सके।

4 महीने से लगातार कर रही है ड्यूटी

कोरोना संकट के इस घड़ी में एनएम लगातार चार महीनों से बिना छुट्टी लिए आइसोलेशन सेंटर में अपनी सेवा दे रही है। प्रतिदिन आठ से 10 घंटे वह ड्यूटी करती हैं। लेकिन इन सब बातों से बेफिक्र होकर नीलम प्रतिदिन एक नई ऊर्जा के साथ अपनी ड्यूटी पर जाती है और कोरोना संक्रमित मरीजों की सेवा कर देश व समाज के लिए एक नई दिशा देने की काम कर रही है। नीलम कहती हैं उनकी सबसे पहली जिम्मेदारी मरीजों की सेवा करना है। उसके बाद घर व परिवार के लोगों की।

कोरोना से बचाव के लिए दे रही सन्देश

नीलम अपने ड्यूटी के अलावा घर के आसपास के लोगों को करुणा से बचाव के लिए जागरूक भी करती हैं। इससे बचाव के लिए सामाजिक दूरी, मास्क का उपयोग, नियमित हाथों की धुलाई करने के लिए लोगों को प्रेरित कर रही हैं। साथ नहीं कोरोना को हराने के लिए लोगों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय भी बता रही हैं।

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