छपरा: कालाजार उन्मूलन के लिए तीन दिवसीय दौरे पर सारण पहुंची राज्य स्तरीय टीम

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  • पहले दिन परसा और नगरा ब्लाक के विभिन्न गांव का किया दौरा
  • निरीक्षण के दौरान मरीजों से लिया फीडबैक
  • विश्व स्वास्थ संगठन की टीम कर रही है जांच

छपरा: छपरा जिले को कालाजार मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग कृत संकल्पित है। कालाजार उन्मूलन के दिशा में लगातार विभाग की ओर से अभियान भी चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को जिले में कालाजार उन्मूलन को लेकर राज्य स्तरीय विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम ने विभिन्न गांवों का दौरा किया तथा कालाजार मरीजों का भौतिक सत्यापन किया। तीन दिवसीय दौरे पर आई टीम ने वाले दिन जिले के नगरा और परसा प्रखंड के विभिन्न गांव में कालाजार मरीजों का भौतिक सत्यापन एवं द्वितीय चक्र के छिड़काव को लेकर भौतिक सत्यापन किया गया। इस टीम में विश्व स्वास्थ संगठन के राज्य समन्वयक डॉ राजेश पांडेय, मुजफ्फरपुर के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ आरती शर्मा, पूर्णिया के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ दिलीप कुमार, भागलपुर के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ शांतनु, डाटा सहायक विकास कुमार शामिल हैं।

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3 दिनों में 10 प्रखंडों में होगा भौतिक सत्यापन

वीबीडीसी कंसलटेंट प्रीतिकेश कुमार ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के टीम के द्वारा 3 दिनों तक जिले के 10 प्रखंडों में विभिन्न गांव का दौरा कर मरीजों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। परसा, नगरा, मशरक, दरियापुर, बनियापुर, इसुआपुर, मकेर, लहलादपुर, पानापुर, सोनपुर प्रखंड के विभिन्न गांव का टीम के द्वारा निरीक्षण किया जाएगा।

कालाजार समाज के लिए काली स्याह की तरह

विश्व स्वास्थ्य संगठन के राज्य समन्वयक डॉ राजेश पांडेय ने कहा कि कालाजार समाज के लिए काली स्याह की तरह है। इस बीमारी को जन-जागरूकता व सामूहिक सहभागिता से ही हराया जा सकता है। कालाजार तीन तरह के होते हैं । जो वीएल कालाजार, वीएल प्लस एचआइवी और पीकेडीएल हैं । बताया कि कालाजार रोग लिशमेनिया डोनी नामक रोगाणु के कारण होता है। जो बालू मक्खी काटने से फैलता है। साथ ही यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी प्रवेश कर जाता है। दो सप्ताह से अधिक बुखार व अन्य विपरीत लक्षण शरीर में महसूस होने पर अविलंब जांच कराना अति आवश्यक है।

रोगी को श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाती है राशि

वीबीडीसी कंसलटेंट प्रीतिकेश कुमार ने बताया कि कालाजार से पीड़ित रोगी को मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना के तहत श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में पैसे भी दिए जाते हैं। बीमार व्यक्ति को 6600 रुपये राज्य सरकार की ओर से और 500 रुपए केंद्र सरकार की ओर से दिए जाते हैं। यह राशि वीएल (ब्लड रिलेटेड) कालाजार में रोगी को प्रदान की जाती है। वहीं आशा को कालाजार के रोगियों को अस्पताल लाने की दिशा में प्रोत्साहन राशि 100 रुपये प्रति मरीज की दर से भुगतान किया जाता है। कालाजार मरीजों को मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना के तहत भुगतान प्रक्रिया को भी सरल बना दिया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर भर्ती होने वाले मरीजों को वहां के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा राशि का भुगतान किया जाता है।