छपरा: तरैया में सबसे अधिक बाढ़ के पानी से सगुनी, बनिया हसनपुर व चंचलिया दियरा क्षेत्र प्रभावित

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लगभग एक दर्जन गांवों में अभी भी जमा हुआ है बाढ़ का पानी

छपरा: गंडक नदी के जलस्तर बढ़ने से लगभग एक दर्जन गांवों में अभी भी बाढ़ का पानी जमा हुआ है। वहीं प्रखंड क्षेत्र में सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित गांव माधोपुर के सगुनी, बनिया हसनपुर और चंचलिया के दियरा क्षेत्र हो रहा है। हालांकि शनिवार की शाम से गंडक नदी का जलस्तर कम होने लगा है। लेकिन प्रभावित इलाकों में बाढ़ का पानी स्थिर बना हुआ हैं, बाढ़ के पानी में किसी तरह की वृद्धि नहीं हो रही है। प्रभावित लोगों का कहना है कि गंडक का जलस्तर तो कम हो गया हैं लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण अभी भी सामान्य स्थिति में बाढ़ का पानी जमा हुआ है। पिछले एक सप्ताह से हो रही लगातार बारिश एवं नेपाल द्वारा वाल्मीकिनगर बराज से काफी मात्रा में छोड़े गए पानी से गंडक नदी के उफान कारण तरैया प्रखंड के तीन पंचायतों के लगभग एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया था।

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सारण तटबंध के निचले इलाकों में बसे माधोपुर पंचायत के सगुनी, राजवाड़ा, शामपुर, अरदेवा, जिमदाहा, बनिया हसनपुर, एवं माधोपुर बड़ा का कुछ हिस्सा, डुमरी पंचायत के फरीदनपुर एवं शीतलपुर गांव तथा चंचलिया पंचायत के चंचलिया दियरा समेत पूरे दियरा क्षेत्रों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया था। जिससे सैकड़ों घर प्रभावित हो गया और लोग पलायन करने को मजबूर हो गये थे। लोग अपने जरूरी सामानों एवं मवेशियों के साथ सारण तटबंध पर शरण लिए हुए हैं। सारण तटबंध के निचले इलाकों के सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें व धान के बिचरे, मक्का की फसलें पानी मे डूब गई है। पूरा इलाका जलमग्न हो गया है। जिससे मवेशियों के समक्ष चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन द्वारा चंचलिया दियरा में एक नाव चलाया जा रहा हैं।