सिवान में भारी बहुमत से हुआ जिला अभियंता को हटाने का फैसला

0

हटाने के लिए 22 जबकि 12 सदस्यों ने पक्ष में दिया वोट

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2023-10-11 at 9.50.09 PM
WhatsApp Image 2023-10-30 at 10.35.50 AM
WhatsApp Image 2023-10-30 at 10.35.51 AM
ahmadali

परवेज अख्तर/सीवान: गुरुवार शाम आयोजित जिला परिषद आम सभा की बैठक में जिला अभियंता धनंजय मणि तिवारी को पद से हटाने के लिए हुई वोटिंग के दौरान 22 सदस्यों ने हटाने के पक्ष में वोट दिया तो 12 सदस्यों ने हटाने के खिलाफ. बीस वर्षों से एक ही जिले में जमे जिला अभियंता ने सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवा विस्तार पा लिया था, जबकि इनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस छापे पड़े और दो मामले भी दर्ज हैं. 41 जिला परिषद सदस्यों के सदन में बैठक में 36 सदस्य उपस्थित रहे. बाद में एक सदस्य वॉक आउट कर गए. शेष बचे 35 सदस्यों में 34 ने मतदान में हिस्सा लिया. जिप अध्यक्ष ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया.

आम सभा की बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायती राज के पदेन पदाधिकारी डीडीसी दीपक सिंह कर रहे थे. जिप अध्यक्ष संगीता देवी ने जिला अभियंता को हटाने के लिए वोटिंग एवं चर्चा का प्रस्ताव आम सभा में रखा. बहुमत सदस्यों ने इसका समर्थन किया एवं एक सुर में कार्रवाई की मांग कर रहे थे. बहुमत के फैसले के अनुसार डीडीसी को वोटिंग करानी पड़ी.

जिप अध्यक्ष संगीता देवी ने विभिन्न योजनाओं की फाइलों के पन्ने दिखाकर घोटालों और अनियमितता की बातें रख रही थीं. उनकी मांग एक ही थी इन सभी योजनाओं के क्रियान्वयन और ठेका पद्धति की जांच उच्चस्तर से कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई के साथ सरकारी धन के नुकसान की भरपाई उसके खाते से कराई जाए. वह बार-बार दोहरा भी रही थी कि हमें किसी को हटाने और बिठाने से मतलब नहीं है हमें सरकारी धन के दुरूपयोग और नुकसान की भरपाई चाहिए. उपाध्यक्ष ब्रजेश सिंह ने कहा कि अगर परिषद की आम सभा किसी पदाधिकारी पर आरोप लगा रही है तो उसकी नियम के अनुसार जांच हो और सदस्यों के आरोपों को भी जांच के दायरे में लाकर उनसे फीडबैक लेकर गहन जांच कराई जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके. आम सभा में उपस्थित सदस्यों की मांग का सम्मान होना चाहिए.

क्या कहते है पदाधिकारी

वोटिंग के बाद डीडीसी ने बताया कि जिला अभियंता को हटाने के लिए 22 जबकि पक्ष में 12 सदस्यों ने मतदान किया है. आगे की प्रक्रिया अपनाई जा रही है.
दीपक सिंह, उप विकास आयुक्त, सीवान