विधानसभा में घिर गए डिप्टी CM ! तेजस्वी यादव ने पूछा- कंपनी को टेंडर के तहत काम दिया या बिना टेंडर के?

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पटना: बिहार विधानसभा में आज डिप्टी सीएम घिर गये। प्रश्नकाल के दौरान सदस्य ने छपरा के मढ़ौरा नगरपरिषद में आउटसोर्सिंग एजेंसी के काम अलॉट करने पर सवाल उठाय़ा। विधायक ने प्रश्न पूछा कि क्या बिना टेंडर के ही एक कंपनी को आउट सोर्सिंग के तहत काम दे दिया गया।क्या सरकार ने बिना टेंडर के काम अलॉट करने का प्रावधान किया है ? नगर विकास मंत्री सह डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद इस सवाल पर साफ-साफ जवाब देने से बचने लगे और कहा कि हम डीएम से जांच करायेंगे। सवालों में घिरते देख तेजस्वी यादव ने तारकिशोर प्रसाद से पूछा कि बताएं कि उक्त कंपनी को टेंडर के तहत काम मिला या बिना टेंडर के?

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तेजस्वी यादव ने सदन में कहा कि इस सवाल का जवाब सरकार को देना होगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मंत्री के पास इसका जवाब ही नहीं है। स्पीकर विजय सिन्हा ने डिप्टी सीएम को फंसते देख कहा कि जानकारी ले लेंगे और बता देंगे। स्पीकर के आदेश पर नेता प्रतिपक्ष बैठ गए।

यूपी चुनाव में बीजेपी की बड़ी बढ़त का असर बिहार विधानसभा में भी देखने को मिला। सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई बीजेपी सदस्यों ने जोरदार नारे लगाए। भाजपा विधायकों ने जय श्री राम और भोलेनाथ के जयकारा लगाया। इस पर राजद सदस्यों ने आपत्ति जताई। राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने स्पीकर से कहा कि सदन में भोलेनाथ का मंदिर ही बनवा दिया जाए। प्रश्नकाल के दौरान ललित यादव ने सवाल उठाया कि बिहार में स्कूटर से धान की ढुलाई की गई है।

राजद विधायक ने सदन में बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि 2011,2012,2013 में स्कूटर से धान की ढुलाई की गई। इस मामले में 2015 में मुजफ्फरपुर में केस भी दर्ज कराई गई है। इस पर खाद्य आपूर्ति मंत्री लेसी सिंह ने सदन में जवाब दिया कि इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आई है। हमने जांच करा ली है। राजद विधायक ने सदन में जब सबूत पेश किया तो स्पीकर ने कहा कि इस मामले को दिखवा लीजिए। वैसे पहले स्कूटर से तो बहुत कुछ की ढुलाई हो चुकी है। मंत्रई श्रवण कुमार ने कहा कि राजद के शासन काल में सांढ की ढुलाई स्कूटर से की गई थी। वो राज अब नहीं है।

राजद विधायक की आपत्ति के बाद स्पीकर विजय सिन्हा ने कहा कि हर व्यक्ति के अंदर मंदिर है. अलग से मंदिर बनवाने की क्या जरूरत है। इसके बाद स्पीकर ने भाजपा सदस्यों को शांत कराया। तब जाकर प्रश्नकाल की शुरूआत हुई।