सिवान में तीन माह बाद हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक

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परवेज अख्तर/सिवान: जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की बैठक शनिवार को अपने नियत समय पर आयोजित की गई. समिति के अध्यक्ष एवं महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपकी उपस्थिति जिले के विकास में नए मील का पत्थर साबित होगी. उन्होंने सबसे पहले सीवान सदर विधायक अवध बिहारी चौधरी को अपनी बात रखने को कहा. अवध बिहारी चौधरी ने कहा कि दिशा की बैठक का उद्देश्य और कार्यक्रम स्पष्ट होने चाहिए. सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब गोल-मटोल नहीं दिया जाना चाहिए. अगर सदस्य कोई समस्या उठाते हैं तो उसका निदान किया जाए न कि तीन महीने बाद नहीं पूरा हो पाने का बहाना बनाया जाए. बैठक का सार्थक निष्कर्ष निकलना चाहिए कार्यवाही और कार्रवाई के साथ क्रियान्वन भी होना चाहिए. दरौली विधायक सत्यदेव राम ने अपने संबोधन में इस समिति की बैठक के औचित्य पर ही सवाल उठा दिया.

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तब अध्यक्ष श्री सिग्रीवाल ने उन्हें आश्वस्त किया कि आपके सवालों का तर्कपूर्ण जवाब उपलब्ध कराया जाएगा. सत्यदेव राम ने कहा कि बैठक के बाद जमीन पर बदलाव दिखनी चाहिए जो सवाल उठाए जा रहे हैं उसमें कार्रवाई दिखनी चाहिए. गोरेयाकोठी के विधायक देवेशकान्त सिंह ने जिले भर के उच्चतर माध्यमिक हाइस्कूलों के भवनों का मुद्दा उठाया और पूछा कि जिले में कितने उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हैं इसका पता जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी नहीं है? जवाब मांगने पर कभी 13 तो कभी 23 बताया जाता है. उन्होंने गोरेयाकोठी हाई स्कूल के छत निर्माण और उसमें पढ़ने वाले छात्रों की सुविधा का सवाल उठाया आखिर क्या कारण है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी अब तक उस स्कूल के निर्माण के लिए प्रस्ताव सरकार को नहीं भेजे हैं. इस पर डीइओ ने कहा कि जिले में 13 स्कूलों के पुनरूद्धार के लिए प्रस्ताव स्वीकृत हैं. 23 स्कूलों की प्रक्रिया में है और कुल उच्चतर माध्यमिक स्कूलों की संख्या 92 है. दूसरा सवाल उन्होंने गोरेयाकोठी में आरटीपीएस काउंटर नहीं होने का उठाया जहां एक क्लर्क की मनमर्जी से लोगों के काम हो रहे हैं.

उस पर कार्रवाई करने की मांग करते हुए उन्होंने जिलाधिकारी से उसकी जांच करने और जमा फार्म एवं सिसीविंग की भी जांच करने की मांग की. बड़हरिया विधायक बच्चा पांडे ने राशन कार्ड का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनके सवाल के जवाब में सचिव का पत्र आया है जिसमें राशन वितरण को लेकर जो निर्देश लिखे हैं उसका पालन गांवों में नहीं हो रहा है. उन्होंने जिले के आठ प्रखंडों का विवरण देते हुए कहा कि कहीं 1500 तो कहीं 2500 तक की संख्या में कार्डधारियों के समक्ष समस्याएं हैं. इस बैठक में अध्यक्ष जनार्दन सिंह सिग्रीवाल के साथ सांसद कविता सिंह, विधायक अवध बिहारी चौधरी, सत्यदेव राम, देवेशकांत सिंह, बच्चा पांडे, जिलाधिकारी अमित कुमार पांडे, डीडीसी दीपक सिंह, अपर एडीएम रमण सिन्हा, डीएसओ प्रमोद कुमार, एडीएम विपिन राय एवं शिक्षा-कृषि एवं विभागों के पदाधिकारी, जिप अध्यक्ष संगीता देवी, नप अध्यक्ष सिंधु सिंह, उपाध्यक्ष प्रियंका कुमारी, प्रद्युम्न राय सहित सभी प्रखंड प्रमुख उपस्थित थे.

जिला प्रशासन के दावे

मनरेगा के तहत 26.69 लाख मानव दिवसों का सृजन और मनरेगा के तहत कोविड काल में 1079 को कैटल शेड का लाभ मिला, खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत एक लाख 36 हजार 287 परिवारों को राशन कार्ड, अंत्योदय योजना के तहत 28 हजार स्वयं सहायता समूहों का गठन और 3358 फंड उपलब्ध कराकर रोजगार से जोड़ा, सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत इंदिरा गांधी विकलांगता पेंशन योजना में 4823 को पेंशन, वृद्धा पेंशन में एक लाख 23 हजार 895 को लाभ, विधवा पेंशन में 14418 को लाभ, आवास योजना के तहत 7440 आवासों का निर्माण, स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक लाख 81 हजार 147 को शौचालय प्रोत्साहन राशि, प्रधानमंत्री कौशल योजना के तहत 1930 युवकों को रोजगार से जोड़ने की उपलब्धियों शामिल है. यह भी दावा किया गया कि दिशा की बैठक में उठे सभी सदस्यों के सवालों का क्रियान्वयन कर दिया गया है.