हाल : तरवारा के भरतपुरा पंचायत का:- भ्रूण हत्या करने वाला पंचायत प्रतिनिधित्व का देख रहा है सपना..!

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गाछे कटहल, ओठे तेल”..! लेकिन यह पब्लिक है सब जानती है पब्लिक है

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pervej akhtar siwan online
ahmadali
dr faisal

परवेज़ अख्तर/सिवान : अभी बिहार विधानसभा चुनाव संपन्न नहीं हुआ तब तक अपने आप में समाजसेवी कहलाने वाले कई लोग पंचायत प्रतिनिधित्व का सपना देखना शुरू कर दिए हैं।और उनका दौरा पंचायतों में कोरोना काल का स्टेज समाप्त हो जाने के बाद लगातार जारी है।जिसने कभी इस कोरोना वायरस जैसी महामारी में जरूरतमंदों के बीच 1kg राशन तक वितरण नहीं किए।वह अपने आपको पंचायत प्रतिनिधित्व का सपना देख रहे हैं।वैसे सपनाबाज लोगों पर एक लोकोक्ति चरितार्थ हो रही है ” कि गाछे कटहल,ओठे तेल”..! लेकिन यह पब्लिक है सब जानती है पब्लिक है !

इसी कड़ी में सिवान जिले के पचरुखी प्रखंड के भरतपूरा पंचायत में जब सिवान न्यूज़ द्वारा पंचायतों में भावी प्रत्याशियों की उमड़ती हुई बाढ़ को देखते हुए सर्वे किया तो सर्वे के पश्चात यह बात सामने आई की पंचायत में वैसे- वैसे प्रत्याशी चुनाव के पूर्व अपना दौरा सघन जारी रखे हैं कि जिसने इस कोरोना वायरस जैसी महामारी में जरूरतमंदों के बीच 1 kg  राशन तक वितरण नहीं किया है दूसरी तरफ यह भी बात सर्वे के दौरान स्पष्ट रूप से मालूम चला कि एक ऐसे प्रत्यासी का दौरा क्षेत्र में लगातार जारी है जो कई वर्षों से भ्रूण हत्या करने जैसे जघन्य अपराध में शामिल है और वे पंचायत का प्रतिनिधित्व करना चाह रहे हैं।

जब इस मसले पर आम जनमानस से हमारे संवाददाता की बातचीत हुई तो पंचायत के ग्रामीण जनता ने नाम न छापने के शर्त पर एक पुराने गीत की कड़ी को दोहराते हुए इशारे- इशारे में कह डाला कि यह पब्लिक है सब जानती है पब्लिक है ! बहरहाल चाहे जो अभी सर पे विधानसभा चुनाव है विधानसभा चुनाव के समाप्ति के बाद पंचायत चुनाव की सरगर्मी तेज हो जाएगी लेकिन इसके पूर्व ही पंचायत चुनाव को लेकर प्रत्याशियों की भीड़ उमड़ पड़ी है।और क्षेत्रों में दौरा भी लगातार जारी है।