बसंतपुर के बिठुना में दो लोगों की हुई मौत मामले में प्राथमिकी, 6 नामजद, पुलिस अनुसंधान जारी

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परवेज़ अख्तर/सिवान:
जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र के बिठुना गांव में बुधवार की सुबह दो भाइयों के बीच विवाद के दौरान दो लोगों की हत्या और दो के घायल होने के मामले में मृतक अमृत सिंह के भाई अंशु कुमार द्वारा दिए गए फर्द बयान पर बसंतपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें गांव के ही अरविद सिंह, सूरज मांझी, धीरज मांझी, सुग्रीम मांझी, भूषण सिंह व भुनडुल सिंह उर्फ रजनीश को आरोपित किया गया है। बयान में कहा गया है कि बुधवार की सुबह 6 बजे मेरे भाई अमृत सिंह, गोविद सिंह एवं रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के संठी निवासी पवन बाबा शौच करने घर से 50 मीटर आगे बांसवारी की ओर गए थे। बांसवारी के बगल में स्थित बथान में पहले से मौजूद ये सभी लोग इन तीनों को देख वहां पहुंच गए तथा वर्चस्व व भूमि विवाद को लेकर गाली-गलौज व मारपीट करने लगे।

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तभी अरविद सिंह ने पवन पांडेय पर जान से मारने की नीयत से फायरिग कर दी। गोली पवन के गले में लग गई जिससे वे घायल हो गया। इसी दौरान सूरज मांझी ने अमृत सिंह पर गोली चलाई, जो उसके सीने में लगी। सुगरीम मांझी व धीरज मांझी ने अमृत के गर्दन, सीना व हाथ पर चाकू से वार कर घायल कर दिया। इसी दौरान भूषण सिंह ने गोविद सिंह पर गोली चलाई, जो उसके दाहिने जांघ में लगी। जब मैंने शोर मचाया तो धीरज मांझी ने चाकू से हमला कर दिया, जिससे मेरे दाहिने हाथ की अंगुली कट गई। ग्रामीणों के आने पर सभी भाग गए। घायलावस्था में अमृत, गोविद व पवन को बसंतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां से चिकित्सकों ने सभी को सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने अमृत व गोविद को मृत घोषित कर दिया, जबकि पवन को पटना रेफर कर दिया। पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

घटना के दूसरे दिन गांव में पसरा सन्नाटा

बसंतपुर  थाना क्षेत्र के बिठुना गांव में बुधवार की सुबह दो भाइयों के बीच हुई गोलीबारी में गोविद सिंह तथा अमित सिंह की मौत तथा रघुनाथपुर का पवन पांडेय घायल हो गया था। पवन पांडेय को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में लाया गया जहां से चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया तथा सदर अस्पताल पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। इस घटना को ले दूसरे दिन गुरुवार को भी गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। दूसरे गांव के लोग भी उस गांव में जाने से परहेज कर रहे हैं। जनप्रतिनिधि भी गांव में जाने से कतरा रहे हैं।