बिहार में बाढ़ अलर्ट: बूढ़ी गंडक, बागमती, कोसी के साथ अधवारा समूह की नदियों में उफान

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पटना: नेपाल और उत्तर बिहार में हो रही लगातार हुई भारी वर्षा के कारण राज्य की सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं. ऐसे में प्रदेश में बाढ़ की स्थिति और गंभीर होती जा रही है. गंगा को छोड़ इन इलाकों की सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. खिरोई, बागमती और कमला ने मिथिलांचल तो लालबकेया ने चंपारण क्षेत्र में कहर बरपा रखा है. नेपाल में वर्षा के कारण गंडक का डिस्चार्ज काफी बढ़ गया है. शुक्रवार को बाल्मिकीनगर बराज पर इसका डिस्चार्ज 2.12 लाख घनसेक पहुंच गया. गंडक अभी डुमरियाघाट में अभी लाल निशान से 53 सेमी ऊपर बह रही है. कोसी बराह क्षेत्र में तो अभी एक लाख से नीचे है लेकिन बराज पर इसका भी डिस्चार्ज 2 लाख 31 हजार पर पहुंच गया है.

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सीतामढ़ी जिले मे बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है. सभी नदियां उफान पर हैं. बागमती और अधवारा समूह की नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. सीतामढ़ी के सुप्पी मेजरगंज प्रखंड के कई हिस्सों मे बाढ़ के पानी की वजह से भारी तबाही है. सुप्पी प्रखंड के जमला के समीप बागमती नदी से तेजी से खेती योग्य जमीन का कटाव हो रहा है. सीतामढ़ी- सुरसंड एन एच 104 पर कई जगहों पर बाढ़ के पानी का तेज बहाव हो रहा है.

शिवहर के कई प्रखंडों में बाढ़

शिवहर जिले मे बाढ़ से स्थिति गंभीर होती जा रही है. बागमती नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से कई इलाकों मे बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. बागमती नदी लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. शिवहर जिले के पिपराढ़ी प्रखंड के नरकटिया गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है, जिसके कारण स्थानीय लोगों मे हाहाकार है. नये इलाकों में भी बाढ़ के पानी के प्रवेश की आशंका है. इस बीच शिवहर के एसडीओ इश्तियाक अली का दावा है कि लगातार बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है और सभी दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं.

बेलवा में सुरक्षात्मक तटबंध टूटा

बेलवा में बागमती नदी के किनारे बनाया जा रहा डैम निर्माण को लेकर बनाए गए सुरक्षात्मक तटबंध 15 मीटर की दूरी में टूट गया है. सुरक्षात्मक तटबंध टूटने से पुरानी धारा और शिवहर की ओर पानी का तेज बहाव हो रहा है. मौके पर पहुंचे DM सज्जन आर शेखर ने युद्ध स्तर क्षतिग्रस्त तटबंध को मरम्मत करने का निर्देश दिया है. बता दें कि यह बागमती नदी का यह तटबंध नहीं है. यह सुरक्षात्मक तटबंध पिछले साल भी टूटा था . यह तटबंध डैम निर्माण के लिए बनाया गया था.

सीमांचल की नदियों में उफान

वहीं, सीमांचल इलाके में भी बाढ़ का कहर है. पूर्णिया के परमान व कनकई नदियों में उफान है. किशनगंज जिले में लगातार बारिश एवं नेपाल के तराई क्षेत्र में भाड़ी बारिश से जिले के कनकाई, रतवा, गोरिया सहित कई नदियां के जलस्तर में वृद्धि देखी जा रही है. टेढ़ागाछ प्रखण्ड का जिला मुख्यालय से संपर्क भंग हो चुका है. अररिया जिला या नेपाल के रास्ते घूम कर जिला मुख्यालय आने की मजबूरी है. लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार करते देखे जा रहे हैं.

समस्तीपुर में बागमती का कहर

समस्तीपुर में भी बागमती का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. हालांकि समस्तीपुर में नौ सेमी बढ़ने के बाद भी नदी अपनी सीमा में है. कमला बलान नदी भी मधुबनी जिले के झंझारपुर में 1.60 मीटर ऊपर चढ़ी है और वहां यह नदी अब लाल निशान से सवा दो मीटर ऊपर बहने लगी हे. लालबकेया नदी का तेवर 24 घंटे में और लाल हुआ है.

पूर्वी चंपारण में बूढ़ी गंडक से बाढ़

पूर्वी चम्पारण में इसके जलस्तर में 30 सेमी की वृद्धि हुई है और वहां लाल निशान से लगभग एक मीटर ऊपर बहने लगी है. दरभंगा में खिरोई में 25 सेमी ऊपर चढ़ी और लाल निशान से 30 सेमी ऊपर चली गई है. गंगा, पुनपुन, सोन और फल्गू नदियां अभी अपनी सीमा में हैं. गंगा का जलस्तर पटना में सात सेमी चढ़ा है लेकिन सभी जगहों पर घटा है. अभी यह नदी लाल निशान से काफी नीचे है.