दरौली में भी सब्जी उत्पादक सहकारी समिति का गठन, अब किसानों को मिलेगा उचित दाम

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  • प्रखंडों में हरी सब्जी की खेती व्यापक पैमाने पर होती है, बावजूद बाजार तक पहुंच नहीं होने के कारण अबतक किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा था
  • धान-गेहूं की तरह अब किसानों को उनकी सब्जी का भी 24 से 48 घंटे में हो सकेगा भुगतान

परवेज अख्तर/सिवान: जिले के दरौली प्रखंड में पैक्स के तर्ज पर सब्जी उत्पादक किसान अपने उत्पादित सब्जी का ऑनलाइन बिक्री कर सकेंगे। सरकार के निर्देश पर प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति के गठन की प्रक्रिया प्रखंड में तेज गति से चल रही है। पहले चरण में प्रोजेक्ट के तहत दरौली में प्रखंड सब्जी उत्पादन सहकारी समिति का गठन किया गया ।नव गठित प्रखंड सब्जी उत्पादन सहकारी समिति के अध्यक्ष डुमरहर पैक्स अध्यक्ष योगेन्द्र भगत को विभागीय निर्देशानुसार मनोनीत किया गया। नव गठित समिति के लिए प्रखंड क्षेत्र के करीब 40 सदस्य नामित किए गए। कार्यक्रम का उद्घाटन प्ररंवड विकास पदाघिकारी अभिषेक चन्दन ,पूर्व प्रखंड प्रमुख रूपा देवी, सहकारीता समिति के प्रखंड अध्यक्ष योगेन्द्र भगत, जिला सहकारीता पदाधीकारी नितेश कुमार संयुक्ता रूप से किया । जिसको सम्बोधीत करते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी नितेश कुमार ने बताया क़ी  किसानों से सब्जी की खरीद बिक्री के लिए आधुनिक स्तर पर सब्जी मंडी का गठन प्रत्येक प्रखंडों में वैसी जगहों पर किया जाएगा, जहां किसान और व्यापारी दोनों सहज और सुलभ तरीके से पहुंच सके।

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प्रखंड स्तर पर सब्जी उत्पादन करने वाले किसान से समिति सब्जी की खरीद करेगी। सब्जी की कीमत का मूल्य निर्धारण भी समिति आसपास के मंडियों के बाजार मूल्य के आधार पर करेगी। इससे किसानों को अपने उत्पादित सब्जियों की कीमत के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। जानकारी हो कि प्रखंडों में हरी सब्जी की खेती व्यापक पैमाने पर होती है। हालांकि बाजार तक पहुंच नहीं होने के कारण अबतक किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा था। सब्जी क्रय विक्रय के लिए जो प्रकिया बन रही है, वह पैक्सों से मिलती-जुलती है। जिस तरह धान-गेहूं की अधिप्राप्ति के बाद किसानों को उनकी फसल का भुगतान 24 से 48 घंटे में होता है, उसी तरह उत्पादित सब्जी के पैसे के लिए बार- बार मंडी का चक्कर अब नहीं लगाना पड़ेगा। बल्कि समिति किसानों के खरीदे गए सब्जी के राशि का भुगतान 24 घंटे में करके राशि किसानों के खाते में ट्रांसफर कर देगी।

इस प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी तथा सरल बनाने की तैयारी हो रही है, ताकि किसान अधिक से अधिक लाभान्वित हो सके। सब्जी उत्पादक किसानों को अब उचित लाभ मिलेगा।आम किसानों की मानें तो राज्य सरकार की प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति गठन की यह प्रक्रिया अगर धरातल पर सफल हुई तो इसका सबसे बड़ा लाभ सब्जी उत्पादक किसानों को निश्चित रूप से मिलेगा। प्रखंड के  दियरा क्षेत्रों में सब्जी उत्पादक किसानों की संख्या बहुत ही अधिक है। यहां जमीन बहुत उपजाऊ है और फसल अच्छी होती है, लेकिन बाजार नहीं होने से सब्जी उत्पादक किसान साहूकारों के हाथों की कठपुतली बनकर रह गए हैं। मौके पर बच्चा प्रसाद , कृष्णा भगवान पाण्डेय, नन्द कुमार ओझा , राजेन्द्र यादव, केदार पड़ोत, र्रिकु गुप्ता, राम बालक , सुनिल भगत, राम जन्म भगत, भरत ओझा, अशोक तिवारी, पारस भगत, रामजनम, वालमीकी, केदार, धमेन्द्र गुप्ता इत्यादि सैकडो किसान उपस्थित रहे।