अपने बच्चों को दें प्यार और दुलार, कराएं संपूर्ण टीकाकरण व नियमित वजन जांच

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  • टीकाकरण से कई तरह के बिमारियों से होता है बचाव
  • पोषण अभियान के तहत मातृ शिशु स्वास्थ्य पर दिया जा रहा विशेष बल
  • जिले में 1 से 30 सितंबर तक मनाया जा रहा है पोषण माह

छपरा: समाज को कुपोषण से मुक्त करने के लिए 30 सितम्बर तक राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है। इस दौरान आंगनबाड़ी सेविका घर-घर जाकर यह संदेश दे रहीं है कि अपने बच्चों को दें प्यार और दुलार, कराएं संर्पूण टीकाकरण व नियमित वजन जांच कराएं और दें पौष्टिक आहार। कुपोषण मिटाने के लिए पौष्टिक आहार के साथ-साथ टीकाकरण भी बेहद जरूरी हो जाता है। इसको ध्यान में रखते हुए आरोग्य दिवस सत्र का आयोजन कर गर्भवती महिलाओं व बच्चों को टीका लगाया गया। आरोग्य दिवस पर प्रशिक्षित एएनएम के माध्यम से टीकाकरण का कार्य किया गया। शिशुओ का वजन मापा गया एवं टीकाकरण किया गया। हैण्डवॉश स्वच्छता के गुर भी बताए गये। इस का मुख्य उद्देश्य 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाना है। साथ ही 0-6 वर्ष के बच्चों में बौनापन से बचाव एवं इसमें कमी लाना, 0 से 6 वर्ष के बच्चों का अल्प पोषण से बचाव एवं इसमें कमी लाना है।

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टीकाकरण से कई तरह की बीमारियों से होता है बचाव

आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी वंदना पांडेय ने बताया शिशुओं व गर्भवती महिलाओं के रूटीन इम्यूनाइजेशन उन्हें कई तरह की बीमारियों से बचाता है। इनमें कई बीमारियां शामिल है। टीकाकरण से बच्चों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाता है ताकि उनके रोग से लड़ने की क्षमता विकसित हो सके। गर्भवती व नवजात को डिप्थीरिया से बचाने के लिए टीडी के दो टीके दिए जाते हैं। टीबी से बचाने के लिए बीसीजी, हेपेटाइटिस से बचाने के लिए हेप-बी, पोलियो से बचाव के लिए ओपीवी एवं आईपीवी, डिप्थीरिया, परट्यूसिस, टिटनेस, हेपेटाइटिस बी व हिमोफिलेस इंफ्लुएंजी से बचाव हेतु पेंटावेंट, डायरिया से बचाव हेतु रोटा वायरस का टीका, न्यूमोकोकस के संक्रमण से बचाव हेतु पीसीवी, खसरे व रुबेला से बचाव हेतु एमआर और जापानी बुखार से बचाव के लिए जेई का टीका लगाया जा रहा है।

व्यक्तिगत दूरी का रखा जा रहा ख्याल

टीकाकरण के दौरान सभी स्वास्थ्य कर्मियों लाभार्थियों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षात्मक यथा सभी स्तर पर व्यक्तिगत दूरी, कम से कम 6 फीट की दूरी, मुंह को ढक कर रखने, हाथ धोने एवं स्वास्थ्य संबंधित दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है।

लाभार्थियों को किया जा रहा है आमंत्रित

पोषण अभियान के जिला सिद्धार्थ सिंह ने बताया प्रत्येक टीकाकरण सत्र के पूर्व सभी लक्षित लाभार्थियों को टीकाकरण सत्र स्थल समय की सूचना आशा एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं के द्वारा दी जा रही है। लाभार्थियों को एक तय समय सारणी के अनुसार सत्र स्थल पर आने के लिए सूचित किया जा रहा है। ताकि किसी भी परिस्थिति में 5 से अधिक व्यक्ति एकत्र ना हो पाए। इसके साथ ही सत्र स्थल पर निश्चित दूरी पर घेरा का प्रतीक चिन्ह बना कर लाभार्थियों को रखा जा रहा है। लाभार्थी को लेकर आने वाले परिवार के सदस्य भी निश्चित रूप से अपने मुंह एवं नाक को कपड़े मास्क से ढककर आने के लिए प्रेरित कर रही है।