पचरुखी के सादिकपुर में जमीनी विवाद में पीट पीटकर किया अधमरा, बाद में मारी गोली

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  • 4 महीनों से चल रहा है दो पक्षों में जमीन का विवाद
  • पुलिस के कार्यशैली पर उठ रही है ग्रामीणों की उंगली

परवेज़ अख्तर/सीवान:
जिले के पचरुखी थाना क्षेत्र के सादिकपुर गांव में गुरुवार की सुबह जमीनी विवाद में एक पक्ष ने दूसरे पक्ष को पीट-पीटकर अधमरा बना दिया और अंत में उसके एक पैर में गोली मार दी. बीच बचाव के लिए गए एक अन्य युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गया. दोनो घायलों की पहचान सादिकपुर निवासी स्व० राम बालक सिंह का पुत्र प्रभुनाथ सिंह और त्रिलोकी नाथ सिंह का पुत्र विक्रान्त सिंह के रूप में की गई. घटना के संबंध में कांति देवी ने बताया कि मेरे पति प्रभुनाथ सिंह गुरुवार की सुबह पचरुखी जा रहे थे. अभी वह अपने गांव से बाहर  निकल ही रहे थे तब तक 10-12 की संख्या में लोग आए और उनको मारने पीटने लगे और मारपीट कर उन्हें गेहूं के खेत में फेंक दिया. जिसके बाद मेरे भतीजा विक्रांत कुमार इस घटना को देखा और बीच बचाव के लिए गया उन लोगों ने उसे भी मारपीट कर घायल कर दिया और अंत में प्रभुनाथ सिंह के बाएं पैर में गोली मार दी.घटना की सूचना पर पहुंचे परिजन और स्थानीय लोगों के सहयोग से दोनों घायलों को सदर अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया.जिसका इलाज चल रहा हैं. सूचना पर पहुँची पुलिस घटना की जांच में जुटी हुई है.

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8 कट्ठा जमीन के लिए चल रहा है विवाद

परिजनों ने यह भी बताया कि बीते 4 महीने पूर्व भवानी मोड़ के समीप हम लोगों ने 8 कट्ठा जमीन रजिस्ट्री कराया था. जिसे लेकर गांव की ही लोगों द्वारा उस जमीन के लिए विवाद चल रहा है. दूसरे पक्ष का कहना है कि यह जमीन हमारा है. आपने जमीन किस आधार पर रजिस्ट्री कराया है. लेकिन जब भी पंचायती के दौरान कागजात की मांग की जाती है तो दूसरा पक्ष कागज दिखाने से इंकार कर देते हैं.उन्होंने यह भी बताया कि इस जमीन का मामला कोर्ट में भी चल रहा है .

थानाध्यक्ष के लापरवाही के कारण हुई मारपीट

घायल प्रभुनाथ सिंह के पत्नी कांति देवी ने बताया कि कई दिनों से इस जमीन को लेकर हम लोग थाना का चक्कर लगा रहे हैं और कोर्ट का आदेश भी आ चुका है. लेकिन थानाध्यक्ष द्वारा आज कल आज कल का आश्वासन दिया जा रहा है. हम लोगों ने थानाध्यक्ष यह भी कहा था कि कहीं इस जमीन के लिए अनहोनी ना हो जाए.लेकिन उसने कहा कि अब कुछ नहीं होगा. लेकिन अंत में थानाध्यक्ष की लापरवाही के कारण दूसरे पक्ष के लोगों ने मारपीट कर घायल कर दिया. उसने आरोप लगाते हुए यह भी कहा है कि दूसरे पक्ष द्वारा थानाध्यक्ष को मोटी रकम दी गई है. जिसके कारण वह हमें केवल आश्वासन दे रहे हैं. इधर विवाद के बाद ग्रामीणों द्वारा पुलिस की कार्यशैली पर उंगली उठाई जा रही है.