छठ घाटों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से कोरोना से बचाव की दी जाएगी जानकारी

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  • स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने पत्र जारी कर दिया निर्देश
  • 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग व 10 साल से कम उम्र के बच्चों को छठ घाट पर नहीं जाने की अपील
  • छठ घाटों पर शारीरिक दूरी का करना होगा पालन
  • किसी तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम व जागरण का नहीं होगा आयोजन

छपरा: वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के बीच बिहार का सबसे बड़ा पर्व लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा नजदीक है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग व गृह विभाग ने गाइडलाइन जारी किया है। स्वास्थ विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने पत्र जारी कर यह निर्देश दिया है कि छठ घाटों पर माइकिंग के माध्यम से कोरोना संक्रमण से बचाव की जानकारी दी जाएगी। जारी पत्र में कहा गया है कि छठ पर्व के दौरान बुखार से ग्रसित व्यक्ति, 60 साल से ऊपर के व्यक्ति, 10 साल से कम उम्र के बच्चे एवं अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को सलाह दी जाती है कि वह छठ घाट पर ना जाए। तालाबों पर अवस्थित घाटों पर छठ व्रत के दौरान प्रत्येक व्यक्ति द्वारा मास्क का उपयोग किया जाना चाहिए एवं आपस में 2 गज की दूरी का अनिवार्य रूप से पालन भी किया जाना चाहिए। तालाब में अर्घ्य देने के दौरान डुबकी लगाने पर भी रोक लगा दी गई है। यह भी कहा गया है कि छठ महापर्व के लिए अर्घ्य देने की व्यवस्था यथासंभव अपने घर पर ही करें।

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छठ घाटों पर किया जाएगा सैनिटाइजेशन का कार्य

गृह विभाग ने छठ पूजा को लेकर गाइडलाइन जारी किया है जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि स्थानीय छठ पूजा समिति और नागरिक इकाइयों, वार्ड पार्षदों, त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करते हुए बैठक आयोजित कर कोविड-19 से संक्रमण के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर दिशा निर्देशों का पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया जाए। महत्वपूर्ण नदियों से व्रती पूजा के लिए जल लेकर जाना चाहे तो जिला प्रशासन द्वारा इसको भी नियमित करते हुए जल ले जाने की आवश्यक व्यवस्था की जाएगी। इस प्रक्रिया के दौरान भी मास्क का उपयोग को सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करने की सलाह दी गयी है। ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरों में अवस्थित तालाब जहाँ अर्घ्य की अनुमति दी जाएगी।वहां के पूर्व एवं पश्चात सैनिटाइजेशन का कार्य नगर निकाय एवं ग्राम पंचायत द्वारा सुनिश्चित किए जाने के बात कही गयी है। इसके लिए नगर विकास आवास विभाग तथा पंचायती राज विभाग द्वारा दिशा निर्देश दिया जाएगा।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और जागरण का नहीं होगा आयोजन

गाइड लाइन के अनुसार छठ पूजा के अवसर पर किसी प्रकार का मेला जागरण और संस्कृति कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा । जिला प्रशासन द्वारा आयोजकों के सहयोग से इन दिशानिर्देशों का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा। ताकि लोगों द्वारा सोता इनका पालन करना सुलभ हो। जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा छठ पूजा के दौरान स्थिति पर नियंत्रण के लिए आवश्यक संख्या में मजिस्ट्रेट एवं पुलिस पदाधिकारियों पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ का भी सहयोग लिया जाएगा।

बुजुर्गो व बच्चों को छठ घाट पर नहीं जाने की सलाह

गृह विभाग ने भी अपने गाइडलाइन में यह स्पष्ट किया है कि छठ पूजा के दौरान 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे बुखार से ग्रस्त व्यक्ति, अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्ति को सलाह दी जाती है कि वह छठ घाट पर ना जाए। छठ घाट पर कोविड-19 से संबंधित जागरूकता फैलाने के लिए पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाएगा।

इन नियमों का करना होगा पालन

  • छठ पूजा के आयोजकों कार्यकर्ताओं एवं उससे संबंधित अन्य व्यक्तियों को स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा
  • छठ पूजा घाट पर अक्सर छुए जाने वाले तत्व तथा बैरिकेडिंग आदि को समय-समय पर साफ एवं प्रभावी कीटाणुनाशक से विसंक्रमित किया जाएगा
  • आमजन को खतरनाक घाटों के बारे में समाचार माध्यमों से सूचना दी जाएगी ताकि भीड़ भाड़ की स्थिति ना बने
  • छठ पूजा घाट पर इधर-उधर थूकना वर्जित होगा
  • छठ पूजा घाट पर बैठने या खड़े रहने की व्यवस्था इस तरह की जाएगी ताकि समाजिक दूरी बनी रहे 2 गज की दूरी अनिवार्य रूप से पालन किया जाए और मास्क का उपयोग किया जाए
  • छठ घाट के आसपास खाद्य पदार्थ का स्टाल नहीं लगाया जाएगा
  • कोई सामुदायिक भोज प्रसाद या भोग का वितरण नहीं किया जाएगा

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