अंतर्राष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस: जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर स्वास्थ्य जांच सह जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

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  • उच्च रक्तचाप, मधुमेह समेत कई बिमारियों की हुई नि:शुल्क जांच
  • स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने के लिए किया गया जागरूक
  • जांच सह जागरूकता शिविर नि:शुल्क दवाओं का भी हुआ वितरण

छपरा: जिले के सदर अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर अंतर्राष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर विशेष स्वास्थ्य जांच सह जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ माधवेश्वर झा ने किया। सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य समेत सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर स्वास्थ्य जांच सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में वृद्ध एवं वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ आवश्यक दवाओं का वितरण भी किया गया। स्वास्थ्य जांच शिविर में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, गठिया, पार्किंसंस, मनोभ्रंश, अल्जाइमर, हृदय रोग, कान-नाक -गला रोग एवं नेत्र आदि बीमारियों की जांच के साथ ही बीमारियों से बचाव के उपाय एवं खानपान से संबंधित उचित सलाह दी गयी। जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. एचसी प्रसाद ने कहा कि वृद्धावस्था में शरीर के कमजोर होने के साथ ही कई प्रकार की बीमारियां विशेषकर मधुमेह, उच्च रक्तचाप, गठिया, पर्किंसन्स मनोभ्रंश, अल्जाइमर, हृदय रोग, कान, आंख इत्यादि रोगों से ग्रसित होने की संभावना बढ़ जाती है। इस को ध्यान में रखते हुए लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस का आयोजन किया गया। उपाधीक्षक डॉ रामइकबाल प्रसाद, अस्पताल प्रबन्धक राजेश्वर प्रसाद, बंटी कुमार रजक, राजीव गर्ग, जीएनएम राजकन्या समेत अन्य मौजूद थे।

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बुजुर्गों की अनदेखी नहीं, बल्कि उनका सम्मान करें

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने कहा मकान बना लेना बड़ी बात नहीं है, न ही इसमें बहुत समय लगता है। बड़ी बात है मकान को घर बनाना। घर अपनों से बनता है, बच्चों, बड़े और बुजुर्गों के प्रेम से बनता है। वर्तमान जीवनशैली में संयुक्त परिवार की परंपरा कम होती जा रही है। पहले जहां घर-परिवार के बुजुर्गों का सर्वोच्च स्थान हुआ करता था, अब उसमें कमी आ रही है। छोटे परिवार की चाहत में लोग अपने बुजुर्गों से दूर हो रहे हैं। बच्चे दादा-दादी के प्यार से महरूम हो रहे हैं। हम आज जो भी हैं, घर के बुजुर्गों की ही बदौलत हैं। इसलिए हमें उनकी अनदेखी नहीं, बल्कि उनका सम्मान करना चाहिए। इसी के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से हर साल एक अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस मनाया जाता है।

तीन दिनों तक चलेगा स्वास्थ्य जांच शिविर

सिविल सर्जन डॉ झा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों जनसाधारण तक सरकार की ओर से दी जा रही स्वास्थ्य योजनाओं को पहुंचाना है और वह इसके लिए प्रतिबद्ध है। अंतर्राष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस के मौके पर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जिले में तीन दिनों तक विशेष स्वास्थ्य जांच सह जागरूकता शिविर लगाया जायेगा। इस दौरान अस्पताल में आने वाले मरीजों की बेहतर उपचार के साथ-साथ दवाओं भी वितरण किया जायेगा। 1 से 3 अक्टबूर तक यह आयोजन किया जायेगा। आयोजित होने वाले स्वास्थ्य जांच व जागरूकता शिविर के बारे में बैनर-पोस्टर व माइकिंग के माध्यम से लोगों को जानकारी दी जाएगी। शिविरों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एएनएम व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के साथ-साथ आशा कार्यकर्ताओं का सहयोग लिया जाएगा। आशा कार्यकर्ता व एएनएम मरीजों व उनके परिजनों को इसके बारे में जानकारी देंगी।

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