अब घर बैठे मिलेगी पोषण और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा से जुड़ी जानकारी

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  • आईसीडीएस के टॉल फ्री नंबर 18001215725 पर मिलेगी जानकारी
  • पोषण के बारे में जनजागरूकता के लिए जारी किया गया है टॉल फ्री नंबर
  • जनता के बीच बच्चों के पोषण से जुड़ी भ्रांतियों को किया जायेगा दूर

छपरा: बच्चों व गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से बचाने व समाज को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में सरकार द्वारा कई योजनाएं चलायी जा रही हैं । समाज कल्याण विभाग के समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) निदेशालय ने आम जनता को पोषण और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के बारे में जागरूक करने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। कोई भी व्यक्ति टॉल फ्री नंबर 18001215725 पर फ़ोन कर पोषण और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) से जुड़ी जानकारियां घर बैठे प्राप्त कर सकता है। पोषण के बारे में जन-जागरूकता के लिए यह टॉल फ्री नंबर जारी किया गया है। इसके माध्यम से हम आम लोगों के बीच आसानी से पहुँच सकते हैं और उन्हें सही जानकारी दी जा सकती। अभी भी आम जनता के बीच बच्चों के पोषण से जुड़ी कई भ्रांतियां व्याप्त हैं । इस पहल से इन भ्रांतियों को दूर करने में मदद मिलेगी। जन जागरूकता के लिए यह एक अनूठी पहल है। इस निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर से बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं, किशोर-किशोरियों समेत पूरे परिवार के पोषण की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। साथ ही इस हेल्पलाइन पर बच्चों के जीवन में शुरूआती वर्षों के महत्व, बच्चों के मस्तिष्क विकास की प्रकिया एवं प्रभावित करने वाले कारकों, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा की अवधारणा एवं महत्व और 3-6 वर्ष के आयु के बच्चों की वृद्धि एवं विकास से जुड़ी हर जानकारी भी उपलब्ध है।

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स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए भेजे जा रहे वॉइस ब्रॉडकास्ट

आईसीडीएस की जिला प्रोग्राम पदाधिकारी बन्दना पांडेय ने बताया कि टॉल फ्री नंबर के साथ ही स्तनपान और बच्चों के पूरक आहार को लेकर वॉइस ब्रॉडकास्ट की भी शुरूआत की गई है । इसके माध्यम से लोगों के मोबाइल पर बच्चों के पोषण से जुड़े संदेश भेजे जा रहे हैं। वॉइस ब्रॉडकास्ट में यह अपील की जा रही है कि शिशु को जन्म के तुरंत बाद मां का गाढ़ा -पीला दूध दें। जन्म से छ: माह तक सिर्फ माँ का दूध दें एवं छ: माह की आयु पूरी होने के बाद बच्चे को माँ के दूध के साथ ऊपरी आहार (मसला हुआ भोजन) दें। भोजन में अनाज, फल, सब्जी, अंडा एवं मांस-मछली इत्यादि शामिल करें।

कुपोषण दर में प्रतिवर्ष 2 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य

पोषण अभियान के जिला समन्वयक सिद्धार्थ कुमार सिंह ने बताया कि पोषण अभियान के तहत विभिन्न विभागों के समन्वय से निर्धारित सीमा के अंदर बच्चों में अल्प वजन, बौनापन एवं दुबलापन की दर में कमी लाई जानी है। योजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए बच्चों के कुपोषण दर में प्रतिवर्ष दो फीसद एवं किशोरी व महिलाओं के एनीमिया दर में प्रतिवर्ष तीन फीसद की कमी लाने की दिशा में संयुक्त प्रयास किया जा रहा है।

इन बातों का रखें ख्याल

  • 6 माह बाद स्तनपान के साथ अनुपूरक आहार शिशु को दें
  • स्तनपान के अतिरिक्त दिन में 5 से 6 बार शिशु को सुपाच्य खाना दें
  • शिशु को माल्टिंग आहार(अंकुरित साबुत आनाज या दाल को सुखाने के बाद पीसकर) दें
  • माल्टिंग से तैयार आहार से शिशुओं को अधिक ऊर्जा प्राप्त होती है
  • शिशु यदि अनुपूरक आहार नहीं खाए तब भी थोड़ा- थोड़ा करके कई बार खिलाएं