सारण की राजनीति में संघर्षों के बल पर अपनी राह बना कर राजनीति की सीढ़ियां चढ़ रही हैं प्रियंका

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✍️परवेज अख्तर/एडिटर इन चीफ:
सारण की राजनीति में बड़ा उठा पटक हो रहा है कौन किसके साथ है कौन किसके विरोध में है यह बताना किसी के लिए संभव नहीं कि राजनीति में महाराजगंज के पूर्व राजद सांसद प्रभुनाथ सिंह की अनुपस्थिति में मढ़ौरा विधायक जितेंद्र राय नए किंग मेकर के तौर पर सामने आए हैं तो जिला परिषद में उपाध्यक्ष के पद पर काबिज हुई भाजपा की तेजतर्रार नेत्री प्रियंका सिंह भी चर्चा में है।प्रियंका सिंह व उनके पति धीरज सिंह सारण की राजनीति में कोई नया नाम नहीं है। धीरज सिंह ठेकेदार हैं और दबंग प्रवृत्ति के जाने जाने वाले हैं पर सेटिंग राजद से लेकर जदयू और भाजपा के छोटे से बड़े नेताओं तक हैं। प्रियंका सिंह ने इसुआपुर से लगातार चौथी बार जिला पार्षद के रूप में चुनाव जीता है पहले प्रियंका सिंह राजद में थी बाद के दिनों में भाजपा में शामिल हो गए प्रियंका सिंह बिना किसी राजनीतिक बैकग्राउंड के खुद के मेहनत के दम पर सारण की राजनीति में अपनी पहचान बनाने में सफल हुई प्रियंका सिंह को लेकर विरोधी पूरी तरह से सजग है प्रियंका सिंह चुकी भाजपा में है और प्रियंका सिंह के सहयोग से ही सारण की राजनीति में जितेंद्र राय किंग मेकर की भूमिका में आए हैं और जयमित्रा यादव जो उनके चाचा की समधन है जिला परिषद की अध्यक्ष बनी है।

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महाराजगंज से भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल की कोर ग्रुप की सदस्य है। लोकसभा चुनाव के समय प्रियंका सिंह के परिजनों व तरैया के तत्कालीन राजद विधायक मुंद्रिका राय के बीच चुनाव की पूर्व संध्या पर हिंसक झड़प भी हुई थी इस घटना के बाद प्रियंका सिंह एकाएक चर्चा में आ गई थी।चर्चा तो यह भी थी कि प्रियंका सिंह भाजपा के टिकट पर तरैया से विधानसभा का चुनाव लड़ेंगी और तैयारी भी व्यापक पैमाने पर चल रही थी पर एन वक्त पर भाजपा ने जनक सिंह को टिकट थमाया और जनक सिंह सारे समीकरणों को धता बताते हुए तरैया से विधायक बनने में भी सफल रहे पर जनार्दन सिंह सिग्रीवाल महाराजगंज के सांसद हैं उनका खेमा प्रियंका सिंह को टिकट दिलाने के प्रयास में लगा हुआ था प्रियंका सिंह पूरे चुनाव के दौरान राज्य स्तर पर पार्टी महिला मोर्चा सदस्य के तौर पर प्रचार की कमान थामे हुई थी तथा स्टार प्रचारक के तौर पर पार्टी प्रत्याशियों का प्रचार कर रही थी।

सारण जिला परिषद उपाध्यक्ष बनने के बाद प्रियंका सिंह का नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मिलना उनके विरोधियों को खटक रहा है जिसको लेकर माहौल गर्म पर प्रियंका सिंह के तरफ से बताया गया है कि यह एक शिष्टाचार मुलाकात है तेजस्वी यादव के शादी के बाद वह जिला परिषद अध्यक्ष के साथ उन्हें शादी की मुबारकबाद देने गई थी जल्द ही वे बिहार के मुख्यमंत्री और पार्टी के वरीय नेताओं से मिलकर भी उन्हें बधाई देंगी प्रियंका सिंह कहती है कि जिला परिषद उपाध्यक्ष चुनाव में भाजपा का कोई भी स्थानीय या बड़ा नेता हस्तक्षेप नहीं कर रहा था जबकि दूसरी तरफ जो लोग आज उनका विरोध कर रहे थे वह गांठ बांधकर बैठे हुए थे कि उपाध्यक्ष पद पर कोई हो प्रियंका सिंह नहीं होनी चाहिए उनकी भी जनता से कमिटमेंट है उनके भी समर्थक हैं उन्हें भी अपना राजनीतिक वजूद बचाना है इस कारण से सारण के विकास के लिए उन्होंने जय मित्रा यादव का समर्थन किया।

उन्होंने बताया कि पंचायत लेवल के चुनाव दलीय आधार पर नहीं लड़े गए थे। राजद विधायक जितेंद्र राय से उनके परिवार के अच्छे संबंध हैं राजनीति में दो दलीय आधार की राजनीति करने के बावजूद बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिनका वह सम्मान करती है कभी भी किसी के लिए किसी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं करती हैं।वही राजनीति में रंग ज़माने वालें बताते हैं कि तरैया से राजद के टिकट का कोई प्रबल दावेदार नही है वैसे में राजद को प्रियंका से सुयोग्य, कर्मठ और प्रियंका समेत राजद के लिए दबंग कार्यकर्ता के रूप में धीरज सिंह से अच्छा कोई नही होगा।

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