जनता दरबार में पहुंचे रिटायर्ड BAO ने CM नीतीश से कहा-भीख मांग लेंगे लेकिन नहीं जायेंगे आपके कृषि विभाग के अफसरों के पास, यह सुन मुख्यमंत्री को आ गया गुस्सा

0

पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अक्टूबर महीने का तीसरा और अंतिम जनता दरबार में पहुंचे फरियादी की शिकायत सुन रहे थे। तीसरे सोमवार को ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य व अन्य विभागों की शिकायतें सुनी जाती है। फरियादियों की शिकायत सुन मुख्यमंत्री अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे। एक युवक ने सीएम नीतीश से कहा कि धान की अधिप्राप्ति के 6 महीने बाद भी पैसा नहीं मिला है। पैसे के अभाव में अपनी मां का इलाज नहीं करा पा रहे। यह शिकायत सुन सीएम नीतीश परेशान हो गये। एक रिटायर्ड प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने सीएम के जनता दरबार में खूब शोर-शराबा किया।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
ahmadali
camp

मुख्यमंत्री ने रिटायर्ड प्रखंड कृषि पदाधिकारी की शिकायत सुन कृषि विभाग के पास भेजने को कहा। इस पर वृद्ध व्यक्ति ने कहा कि बिहार बहुत बड़ा है हम भीख मांग लेंगे लेकिन कृषि विभाग में नहीं जायेंगे। क्यों कि कृषि विभाग ने निदेशक ने ही तो सारा खेल खेला और हमारा पेंशन रोक रखा है। यह कहकर रिटायर्ड शख्स जोर-जोर से चिल्लाने लगा। इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को गुस्सा आ गया। कहा कि हल्ला क्यों कर रहे, कृषि विभाग के पास भेजे हैं वहां जाइए। फिर उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पता लगाइए कि वो कृषि विभाग में क्यों नहीं जाना चाहता । वह किस तरह का व्यक्ति है ? इसके बाद सीएम सचिवालय के अधिकारी भागे-भागे रिटायर्ड व्यक्ति की तरफ गये।

धान बेचन के 6 माह से अधिक होने के बाद भी पैसा नहीं मिलने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तो डीएम को देखना चाहिए था। तुरंत उन्होंने मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण और अपने प्रधान सचिव दीपक कुमार को तलब किया। सीएम नीतीश ने दोनों अधिकारियों से कहा कि आखिर धान बेचने वाले किसानों को पैसा क्यों नहीं मिला है? इस मामले को देखें और जितने भी इस तरह के केस हैं उन्हें सॉल्व करें।