दुःखद:- हसनपुरा में ट्रक की टक्कर से अमित कुमार की मौत, स्वजनों में मचा कोहराम

0

ट्रक की टक्कर से युवक की मौत

परवेज़ अख्तर/सिवान:
जिले के एमएच नगर थाना क्षेत्र के हसनपुरा बाजार के पास स्टेट हाइवे 73 पर सोमवार की रात ट्रक की टक्कर से बाइक सवार की मौत हो गई। मृतक साघर निवासी चंद्रशेखर मिश्रा का पुत्र अमित कुमार है। उसकी मौत के बाद स्वजनों में कोहराम मच गया।बताया जाता है कि अमित कुमार सोमवार की रात बाइक से पटना से घर लौट रहा था। तभी घर से करीब दो किलोमीटर दूर हसनपुरा बाजार के पास एक ट्रक ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत घटनास्थल पर हो गई। घटना के बाद चालक ट्रक लेकर भागने में सफल रहा। घटना की जानकारी होते ही काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी स्वजन तथा थाने को दी। पुलिस मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिवान भेज दी।

विज्ञापन
WhatsApp Image 2023-01-25 at 10.13.33 PM
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2022-08-26 at 8.35.34 PM
WhatsApp Image 2022-09-15 at 8.17.37 PM

अमित का शव पहुंचते ही स्वजनों में मचा कोहराम

सिवान से पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार की सुबह साघर निवासी अमित का शव गांव पहुंचते ही स्वजनों में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलने पर मंगलवार की सुबह उसके दरवाजे पर लोगों की भीड़ लग गई। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को शव पहुंचने पर कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी गुड़िया देवी, मां पूनम देवी व अन्य स्वजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। आसपास की महिलाएं स्वजनों को सांत्वना दे रही थीं। मृतक की छोटी-छोटी दो पुत्रियां अनन्या एवं आराध्या पिता के शव देख रो रही थीं। दुर्घटना की खबर मिलते ही पूर्व मुखिया मनमोहन मिश्र, अंगद मिश्र, चंदन कुमार, बच्चा राय, संजीव कुमार तिवारी, शिवनाथ साह, विक्रमा मिश्र, पंकज मिश्र, दिलीप दुबे, उमेश दुबे, कामेश्वर दुबे, गिन्नी साह ग्रामीण सहित अन्य शुभचितकों ने स्वजनों को सांत्वना देकर और ढांढस बंधाया।

अमित की मौत के बाद घर का बूझ गया चिराग

अमित घर का इकलौता चिराग था तथा बूढ़े माता-पिता, पत्नी तथा दो पुत्रियों का सहारा था। वह परिवार का एक मात्र कमाऊ सदस्य था। वह पटना के एक नर्सिंग होम में काम करके परिवार का खर्च चलाता था। उसके बूढ़े पिता खेती-बाड़ी करते हैं। बड़ी बेटी अनन्या सात वर्ष तथा छोटी पुत्री आराध्या पांच वर्ष की है। उसकी एकमात्र बहन अंजू की शादी हो चुकी है। उसकी मौत के बाद घर का चिराग बूझ गया। उसकी मौत के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।