पोषण अभियान के तहत सदर एसडीओ ने की प्रखंडस्तरीय अभिसरण समिति की बैठक

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  • सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित कराने का दिया निर्देश
  • प्रखंडस्तरीय अभिसरण समिति की बैठक आयोजित
  • पोषण अभियान को सफल बनाने के लिए अंर्तविभागीय सहभागिता जरूरी

छपरा: पोषण माह के सफल क्रियान्वयन के लिए सदर अनुमंडल के अनुमंडलीय पदाधिकारी अरूण कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रखंडस्तरीय अभिसरण समिति की बैठक आयोजित की गयी। अभियान की रूपरेखा, लक्ष्य, कुपोषण एवं एनीमिया की स्थिति, एनएचएफएस के आकड़ों से तुलना, गंभीर कुपोषित बच्चों का शीघ्र चिन्हित किया जाना एवं कोविड-19 से संबंधित निर्देशों का पालन करते हुए कार्रवाई किए जाने पर चर्चा की गई। एसडीओ अरूण कुमार सिंह ने कहा कि कुपोषण स्तर में सुधार के लिए बच्चों को स्तनपान के साथ-साथ उपरी आहार दिया जाना एक महत्वपूर्ण रणनीति है। पोषण माह के दौरान शीघ्र स्तनपान, छह माह तक संपूर्ण स्तनपान को बढ़ावा दिया जाना है। साथ ही पोषण माह के दौरान पोषण वाटिका को बढ़ावा दिया जाना है। अतिकुपोषित बच्चों को चिन्हित किया जा रहा है।

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कुपोषण दर में प्रतिवर्ष 2 प्रतिशत व एनिमिया दर में 3 प्रतिशत कमी लाना उद्देश्य

एसडीओ अरूण कुमार सिंह ने कहा कि पोषण अभियान के तहत विभिन्न विभागों के समन्वय से निर्धारित सीमा के अंदर बच्चों में अल्प वजन, बौनापन एवं दुबलापन की दर में कमी लाई जानी है। योजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, पंचायती राज विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए बच्चों के कुपोषण दर में प्रतिवर्ष दो फीसद एवं किशोरी व महिलाओं के एनीमिया दर में प्रतिवर्ष तीन फीसद की कमी लाने की दिशा में संयुक्त प्रयास किया जा रहा है।

जन आंदोलन बनेगा पोषण अभियान

सदर शहरी क्षेत्र के सीडीपीओ कुमारी उर्वशी ने कहा कि पोषण अभियान कार्यक्रम के तहत बच्चों में विकास की कमी कुपोषण एनीमिया ना हो उसका विशेष ध्यान रखना है। इस अभियान को जन आंदोलन के स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है। बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों महिलाओं और किशोरियों के कुपोषण को कम करना है। साथ ही एनीमिया और गंभीर कुपोषण को रोकने के लिए लोगों को स्तनपान, मातृ पोषण और किशोर पोषण के संबंध में जागरूक करना है। इस बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी, मनरेगा पीओ, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, जीविका के सदस्य, सदर ग्रामीण के सीडीपीओ समेत सभी महिला सुपरवाइजर शामिल थी।